कार का इंजन सीज होने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने अपना फैसला सुनाया है। आयोग ने अपने निर्णय में कहा कि सर्वेक्षक ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि कार के अगले हिस्से से कुत्ता टकराया जिसकी वजह से इंजन में ओवर हीटिंग हुई। डिटेल में पढ़ें खबर...
कार का इंजन सीज होने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने साफ कहा कि कुत्ते के कार से टकराने के बाद इंजन सीज हुआ है। बीमा कंपनी इंजन में आंतरिक खराबी बताकर क्लेम देने से इंकार नहीं कर सकती है। एक माह के अंदर बीमा कंपनी कार मालिक को 1.9 लाख रुपये 9 प्रतिशत ब्याज सहित दे। साथ ही सेवाओं में कमी के नाम पर पांच हजार रुपये हर्जाना व पांच हजार रुपये कानूनी खर्च भी दे।
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झज्जर जिले के गांव खरहर निवासी रिंकू उम्र 25 साल ने सितंबर 2019 में याचिका दायर की थी कि वे कार से जा रहे थे। अचानक उनकी कार के नीचे कुत्ता आ गया। इससे कार को नुकसान हुआ या नहीं इसका उन्होंने उस समय ध्यान नहीं दिया। जब वह गोहाना बाईपास टोल के नजदीक पहुंचे तो कार बंद हो गई।
रिंकू ने बताया कि कार के अंदर से धुआं निकलने लगा। उसने एजेंसी में कॉल की तो मैकेनिक कार को शोरूम में ले गया। जांच के बाद बताया कि कार का इंजन सीज हो गया था। उसे ठीक करने में 1.20 लाख रुपये खर्च आएगा। यह काम बीमा पॉलिसी के तहत कवर नहीं होगा।
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यह भी बताया गया कि कार मालिक की गलती है कि एक कुत्ता कार के नीचे आ गया था मगर उसने कोई ध्यान नहीं दिया। आयोग के नोटिस के बाद बीमा कंपनी फ्यूचर जनरल इंडिया इंश्योरेंस ने यह कहकर क्लेम देने से इंकार कर दिया कि इंजन आंतरिक गड़बड़ी से सीज हुआ है। कुत्ते की वजह से नहीं।
आयोग ने अपने निर्णय में कहा कि सर्वेक्षक ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि कार के अगले हिस्से से कुत्ता टकराया जिसकी वजह से इंजन में ओवर हीटिंग हुई। ऐसे में साफ है कि यह नुकसान कुत्ते की वजह से हुआ है न की इंजन में आंतरिक खराबी थी। तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए बीमा कंपनी कार मालिक को क्लेम दे।