रोहतक। दिल्ली से उड़ान में देरी पर एयर लाइन के यात्री के अतिरिक्त खर्च हुए 1,05,000 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित दे। साथ ही जिला उपभोक्ता आयोग ने आदेश दिया है कि शिकायतकर्ता को सेवाओं में कमी पर 50 हजार रुपये हर्जाने व पांच हजार रुपये कानूनी खर्च के तौर पर दे।
आयोग के रिकॉर्ड के मुताबिक 2019 में द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के सीनियर डिविजनल मैनेजर सुनील गांधी ने अर्जी दायर की थी कि उन्होंने परिवार सहित पोर्ट ब्लेयर में छुट्टी मनाने की योजना बनाई थी।
इसके लिए दिल्ली से चेन्नई के लिए विस्तारा, टाटा एसआईए एयरलाइंस लिमिटेड और चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर के लिए जेट एयरवेज के टिकट बुक करवाए थे। साथ की पोर्ट ब्लेयर से कोलकाता और कोलकाता से दिल्ली तक वापसी के टिकट बुक कराए थे। इसके लिए 1,83,808 रुपये का भुगतान किया था।
25 दिसंबर 2018 को दिल्ली से चेन्नई के लिए रवाना होना था लेकिन खराब मौसम के कारण उड़ान में देरी हुई। इससे उनकी चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर की फ्लाइट छूट गई। इस कारण चेन्नई में होटल में आवास की व्यवस्था व दूसरी दूसरी फ्लाइट बुक करने के लिए 1,05,000 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़े।
साथ ही उसकी निर्धारित पर्यटक गतिविधियां प्रभावित हुईं। उसे कानूनी नोटिस भेजा लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आयोग से मांग की कि उसे 1,83,808 रुपये के अलावा अतिरिक्त खर्च हुए 1,05,000 ब्याज सहित दिलवाएं। साथ ही मानसिक पीड़ा व उत्पीड़न के लिए 2,00,000 रुपये व कानूनी के तौर पर 50,000 रुपये दिलवाए जाएं।
खराब मौसम की वजह से उड़ान में देरी साबित नहीं कर सकी एयर लाइन
याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि आयोग ने नोटिस भेजकर जवाब मांगा तो विस्तारा एयरलाइन ने कहा कि खराब मौसम के कारण दिल्ली से चेन्नई की उड़ान में देरी हुई। मौसम उसके नियंत्रण से बाहर है। आयोग ने सुनवाई के बाद कहा कि एयर लाइन यह साबित करने में असफल रही कि देरी मौसम की वजह से हुई थी। ऐसे में ऐसे में एयर लाइन याचिकाकर्ता की ओर से खर्च की गई अतिरिक्त राशि 1,05,000 रुपये आयोग में दायर याचिका से लेकर अब तक के 9 प्रतिशत ब्याज सहित दे। साथ ही एक माह में मुआवजा व कानूनी खर्च भी दिया जाए।