माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. अर्चना गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस नेता सत्ता में आने के लिए भ्रामक प्रचार करते हैं। बूथ से लेकर बस्ती तक इसकी चर्चा होनी चाहिए। बताना चाहिए कि आपातकाल के समय कैसे पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र की हत्या की थी। वह वीरवार को एमडीयू के टैगोर ऑडिटोरियम में आपातकाल के 51 साल पूरे होने पर आयोजित संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि 25 जून का दिन यह संस्मरण करने के लिए है कि फिर सत्ता संविधान पर हावी न हो जाए। भारत किसी राजनीति दल नहीं बल्कि विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि 2024 को कांग्रेस ने संविधान हत्या का नाम देकर भ्रामक प्रचार कर सत्ता में आने की कोशिश की। आगे भी कांग्रेसी ऐसा कर सकती है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और त्याग के कारण लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा संभव हो सकी है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वरिष्ठ लोकतंत्र सेनानी एवं पूर्व विधायक स्व. डॉ. मंगल सिंह के योगदान हमेशा याद रहेगा।
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि आपातकाल की घटनाएं लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण सीख प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र अपने इतिहास के अनुभवों को इसलिए संजोकर रखते हैं ताकि भविष्य में लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक स्वतंत्रता की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
राज्यसभा सदस्य एवं कार्यक्रम संयोजक संजय भाटिया ने कहा कि देश की बड़ी आबादी ने आपातकाल का दौर नहीं देखा है। ऐसे में लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान की जानकारी नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर ने कहा कि आपातकाल के दौरान रोहतक लोकतंत्र समर्थक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। इसकी स्मृतियां आज भी प्रेरणा प्रदान करती हैं।
कार्यक्रम में सांसद धर्मवीर सिंह, मंत्री कृष्णलाल पंवार, डॉ. अरविंद शर्मा, विधायक रामकुमार गौतम, कपूर सिंह वाल्मीकि, प्रमोद विज, देवेंद्र अत्री, पूर्व सांसद रामचंद्र जांगड़ा, गुलशन भाटिया, मेयर रामअवतार वाल्मीकि, रेणु डाबला, अजय बंसल, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी शमशेर सिंह खरक भी पहुंचे।
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मंच पर बनी अव्यवस्था, लोकतंत्र सेनानी बोले-इससे अच्छा तो बुलाते ही नहीं
कार्यक्रम में रोहतक के अलावा, सोनीपत, पानीपत, जींद, हिसार, दादरी, भिवानी, हांसी व गोहाना सहित 10 जिलों से 100 के करीब लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित करने के लिए बुलाया गया था। कार्यक्रम के आखिर में जब केंद्रीय मंत्री मंच पर स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करने लगे तो अव्यवस्था बन गई। मंच से नीचे उतरकर मंत्री अरविंद शर्मा को स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित करना पड़ा। दिल्ली से आए लोकतंत्र सेनानी ने कहा कि अगर सम्मान करना था तो मंच पर बुलाकर करते। इस पर सांसद धर्मबीर ने उन्हें समझाया और ऊपर बुलाकर सम्मानित कराया।