गोहाना में दस नवंबर को होने वाली शक्ति रैली में कांग्रेस के सामने भीड़
जुटाना बड़ी चुनौती है। कांग्रेसी इस रैली में 20 हजार बसों समेत करीब 60
हजार वाहन लाने का दावा कर रहे हैं।
रैली के लिए हर जिले में
सैकडों होर्डिंग्स और बैनर लगे हैं। वहीं, शक्ति रैली के खिलाफ विपक्ष ने
मोर्चा खोल दिया है। विपक्षी दलों ने कांग्रेस पर इस रैली के लिए सरकारी
साधनों का जमकर दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
उनका कहना है
कि सरकार इस रैली में भीड़ जुटाने के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ
अधिकारियों पर भी दबाव बना रही है। भाजपा की रेवाड़ी और इनेलो की
कुरुक्षेत्र में जोरदार रैली के बाद कांग्रेस के सामने शक्ति रैली में भीड़
जुटाना बड़ी चुनौती है। इस वजह से सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ-साथ
उनके समर्थकों ने अपनी पूरी ताकत इसमें झोंक रखी है।
खर्च की होनी चाहिए जांच : अभिमन्यु
भाजपा
के राष्ट्रीय प्रवक्ता कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि गोहाना में कांग्रेस की
होने वाली हरियाणा शक्ति रैली पर खर्च हो रही राशि की जांच होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री भीड़ जुटाने के लिए सरकारी तंत्र ही नहीं बल्कि जनप्रतिनिधियों
पर भी दबाव बना रहे हैं। नौकरशाह भी इस काम में लगे हैं। वे वीरवार को
पार्टी कार्यालय में बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भीड़ जुटाने के लिए
सरकार करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है, जो जनता के खून पसीने की
कमाई है। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि रैली में सरकारी तंत्र का दुरुपयोग
किया जा रहा है। दस नवंबर को होने वाली रैली की जांच कराई जाए ताकि यह पता
चल सके कि रैली पर कितने रुपये खर्च किए गए हैं। इस मौके पर मनीष ग्रोवर,
रमेश भाटिया, प्रतिभा सुमन, सुरेंद्र बंसल, राम अवतार वाल्मीकि, कंवल सिंह
सैनी, रामनिवास हुड्डा, पद्म ढुल और कपिल आदि मौजूद थे।
सीएम ने वकीलों का वर्क सस्पेंड करवाया : सुहाग
इनेलो
के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और वरिष्ठ अधिवक्ता बलवान सिंह सुहाग ने कहा
कि इनेलो की कुरुक्षेत्र रैली से घबराकर मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा
तमाम हथकंडे अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ
हरियाणा बार एसोसिएशन के निर्वाचित पदाधिकारियों और वकीलों पर दबाव बनाकर
और लालच देकर उन्हें गोहाना रैली में भाग लेने के लिए जोर दिया जा रहा है।
सुहाग वीरवार को स्थानीय होटल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने
कहा कि बार एसोसिएशन के प्रधान लोकेंद्र फोगाट ने मुख्यमंत्री का समर्थक
बनकर वीरवार को बार एसोसिएशन का वर्क सस्पेंड कर रोहतक के वकीलों के साथ
विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से रोहतक नगर निगम और
नेशनल हाईवे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से होर्डिंग्स और बैनर लगाकर
कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इनेलो इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट तक
ले जाएगी। इस मौके पर पूर्व प्रधान धर्मपाल मकड़ौली, पूर्व चेयरमैन इंद्र
सिंह ढुल और पार्टी प्रवक्ता कृष्ण कौशिक आदि उपस्थित थे।
सरकारी पैसे की बर्बादी पर कोर्ट लें संज्ञान : आलड़िया
बहुजन
संदेश पार्टी (कांशीराम) की राष्ट्रीय अध्यक्ष कांता आलड़िया ने कहा कि
गोहाना रैली के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिसके चलते
हाईकोर्ट को सरकार से जवाब तलब करना चाहिए। जनता की खून-पसीने की कमाई को
पानी की तरह बहाया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि आखिर सरकार यह बताए कि
यह रैली पार्टी की है या फिर सरकार की। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर
सरकार के मुख्य अधिकारी तक रैली को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। वे वीरवार
को अपने निवास स्थान पर पत्रकारों से बातचीत कर रही थी।
कांता आलड़िया ने
कहा कि बसंपा ने यह निर्णय लिया है कि रैली वाले दिन कार्यकर्त्ता गोहाना
पहुंचकर मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाएंगे, क्योंकि कांग्रेस के शासनकाल
में दलितों पर सबसे अधिक अत्याचार हुए हैं। उन्होंने कहा कि रोहतक में बाबा
साहेब अंबेडकर के नाम पर पार्क बनाने के मसले पर भी मुख्यमंत्री ने उनका
अपमान किया है। आश्वासन देने के बावजूद अभी तक सरकार ने बाबा साहेब की
प्रतिमा के लिए न तो जगह उपलब्ध कराई है और न ही पार्क के लिए। उन्होंने
कहा कि 26 जून 2012 को मुख्यमंत्री ने कैनाल विश्राम गृह में
कार्यकर्त्ताओं के सामने अधिकारियों को आदेश दिए थे कि प्रतिमा के लिए जगह
निश्चित की जाए।
गोहाना रैली के बैनर हटवाने को सौंपा ज्ञापन
रोहतक।
गोहाना में होने वाली शक्ति रैली को लेकर सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का
आरोप लगाते हुए भाजपा के पदाधिकारियों ने लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन
किया और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। भाजपा के जिलाध्यक्ष रमेश भाटिया के
नेतृत्व में काफी संख्या में कार्यकर्त्ता लघु सचिवालय के बाहर एकत्रित हुए
और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाटिया ने कहा कि शहर में जगह-जगह
गोहाना रैली के होर्र्डिंग्स लगे हैं, लेकिन प्रशासन इस पर चुपी साधे हुए
है। भाजपाइयों ने एसडीएम से जगह-जगह लगाए गए हॉर्डिंग और बैनर हटवाने की
मांग की।