वहीं, ओमप्रकाश बोले, जिसकी केंद्र में सरकार है, प्रदेश में उसे वोट देने का मतदाताओं का मिजाज रहा है। वोट प्रत्याशी को देखकर नहींं, बल्कि विचारधारा देखकर करते हैं। तभी ट्रेन की खिड़की से गुटखा थूकते हुए दीपक ने कहा कि प्रदेश को जो चाहिए वह यह सरकार दे ही रही है। बिना खर्ची-पर्ची के नौकरी मिली रही है। स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार है। इसके बाद सहदेव ने बोलना शुरू किया कि महंगाई और भ्रष्टाचार कभी खत्म होने वाली चीज है ही नहीं। अगर कोई यह सोचकर मतदान कर रहा है कि ईमानदारी छवि के प्रत्याशी को मतदान करेंगे तो भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा, असल में यह संभव है ही नहीं है।
प्रत्येक स्टेशन पर रुकने वाली पैसेंजर ट्रेन में दिल्ली जाने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। सांपला स्टेशन से ट्रेन में सवार हुए यात्रियों ने माइक देखते ही बिना कोई सवाल के ही अपने मन बात कह दी। एक युवक बोला, यह चुनाव परिवर्तन के लिए होगा। जो सरकार आएगी वह पूरी संख्या बल के साथ आएगी। सवालों का जवाब लेते हुए कब बहादुरगढ़ स्टेशन आ गया पता ही नहीं लगा। यात्रियों ने बताया आपका गंतव्य आ गया।
जल्दी ही ट्रेन से उतरे। रोहतक जाने वाली ट्रेन को आने में अभी डेढ़ घंटे की देरी थी तो वहीं प्लेटफार्म के पास ही टी-स्टॉल पर लोगों से चुनाव को लेकर उनके मन की बात जानी। यहां रमेश ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का असर प्रत्येक चुनाव में रहता ही है। इस बार भी रहेगा। टिकट काउंटर से रोहतक की टिकट लेकर फिर दोबारा ट्रेन आने का इंतजार किया। पैसेंजर ट्रेन आधे घंटे की देरी से स्टेशन पर पहुंची। दूध, सब्जी आदि लिए वेंडर से ट्रेन भरी हुई थी।
इस बार यात्री कम मिले और सामान ज्यादा ट्रेन भरी आई। यहां ट्रेन में प्रवेश करते ही दरवाजे पर बैठे दूध के वेंडरों से चुनावी में किसका जोर है पूछने पर उन्होंने सीधे-सीधे त्रिशंकु सरकार बनने की बात कही। कइयों ने भाजपा की सरकार बनते हुए नजर आने की बात भी कही। एक दूधिया बोले, पहले की सरकार अपने-अपने लोगों के काम करती थी। मेरे दो बच्चे सरकारी नौकरी में हैं। यह खर्ची-पर्ची के बिना चलने वाली सरकार के वजह से हुआ है। ट्रेन के कुछ अंदर कंपार्टमेंट में यात्रियों से बात कही। जींद जाने वाले सुधीर ने बताया कि इनेलो में भी दम है। विधानसभा चुनाव में इनेलो भी गेम में दिखेगी। रोहतक स्टेशन आ गया। यात्रियों के बेबाक जवाब के लिए धन्यवाद करते हुए हम ट्रेन से उतर गए।