निंदाना में चकबंदी से असंतुष्ट कुछ किसान पिछले ढाई साल से धरने पर बैठे हैं। चकबंदी के बाद कब्जा दिलाने के लिए 29 मई को गांव में गया प्रशासन किसानों के विरोध के बाद लौट गया था। ग्रामीणों ने चकबंदी में हुईं गलतियां ठीक करने से पहले कब्जा कार्रवाई का किया विरोध करते हुए प्रशासन को लौटा दिया था।
ग्रामीणों का कहना था कि कई किसानों के खेत सही जगह से उठाकर अन्य दूसरी जगह पर लगा दिए। इसके अलावा भी कई त्रुटियां चकबंदी के दौरान रह गई थीं। इन्हें दुरुस्त कराने की मांग वे उच्चाधिकारियों के सामने रख चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। आरोप है कि रसूखदार किसानों ने अपनी जमीन महंगे रकबे व नेशनल हाईवे 152 डी के आसपास लगवा ली। कुछ किसानों की जलभराव के स्थान पर लगा दी। ग्रामीणों ने मांग की है कि चकबंदी के दौरान की गई गड़बड़ी ठीक कर सभी किसानों को संतुष्ट किया जाए। इसके बाद ही वे नए कब्जे पकड़ेंगे। चकबंदी को लेकर गांव में दो पक्ष बने हुए हैं। एक पक्ष जहां नए कब्जे पकड़ना चाहता है, जबकि दूसरे को पक्ष किसी भी सूरत में यह चकबंदी स्वीकार नहीं है। डीसी ने ग्रामीणों को सरकार से बात कर उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।