आखिरकार सिविल अस्पताल में आधुनिक रसोई शुरू हो ही गई। फाइलों की लंबी लड़ाई और अपने ही कुछ सहयोगियों के दांव पेंच में उलझाई गई रसोई का रविवार को शहर विधायक मनीष ग्रोवर ने उद्घाटन किया। अब यहां मरीजों को बेड पर ही खाना मिल सकेगा। विधायक की मौजूदगी में ही जच्चा को भोजन भी परोसा गया।
रविवार को अस्पताल की रसोई में तैयार भोजन स्पेशल वार्ड और जच्चा-बच्चा वार्ड में दिया गया। इसके साथ आधा लीटर फुल क्रीम दूध की थैली भी दी गई। सिविल सर्जन डॉ. शिवकुमार ने बताया कि मरीजों को इसकी बहुत जरूरत थी। इसे देखते हुए इसे शुरू किया गया है।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेशचंद्र ने बताया कि किचन शुरू करने में कुछ परेशानी आई, लेकिन सीएमओ के सहयोग से सब आसान हो गया। शुरू में अभी जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत जच्चा और निकू में उपचार पा रहे बच्चों की माताओं को भोजन अस्पताल की ओर से नि:शुल्क दिया जाएगा। इसके लिए प्रति डाइट एनआरएचएम की ओर से 100 रुपये प्रति दिन के मिलते थे।
ये होगा डाइट में
सिविल अस्पताल की आहार विशेषज्ञ सोनिया ने बताया कि डाइट में सुबह चाय, बिस्कुट दोपहर में दलिया और आधा लीटर दूध फूल क्रीम तो रात को खिचड़ी और आधा लीटर दूध दिया जाएगा। गौरतलब है कि सामान्य अस्पताल में आधुनिक किचन को चालू न किए जाने पर ‘अमर उजाला’ ने बार-बार सवाल खडे़ किए। इसकी फाइल एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी के पास चक्कर काटती रही, लेकिन स्थिति ज्यों कि त्यों रही। आखिरकार नवनियुक्त एमएस डॉ. रमेशचंद्र ने इस पर संज्ञान लिया।
विधायक को बताई उपलब्धि और समस्या
सिविल सर्जन व एमएस ने विधायक को सामान्य अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या और चिकित्सकों की कमी को रखा। सीएमओ ने बताया कि उनके यहां सरकार की ओर से 47 सेक्शन पोस्ट हैं, लेकिन डॉक्टर 32 हैं। विधायक ने आश्वासन दिया कि जल्द ही नए डॉक्टरों की भर्ती सरकार करने जा रही है।
नगर निगम की खुली पोल
विधायक मनीष ग्रोवर के दौरे के दौरान पूर्व की भांति नगर निगम का कूड़ादान सामान्य अस्पताल के बाहर ज्यों का त्यों रखा मिला। विधायक दौरा करते हुए पैदल ही अस्पताल के बाहर आ गए और यहां कूडे़दान के आसपास सड़क पर कूड़ा बिखरा देख कर हैरान हो गए। मानों सामान्य अस्पताल के गेट पर मरीजों व उनके परिजनों का स्वागत ही कूड़ा करता हो। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान कराएंगे।