स्वास्थ्य विभाग डेंगू मरीजों के आंकड़े सुधारने में जुटा है। निजी अस्पताल में डेंगू पीड़ित मरीजों की भरमार है, जबकि विभाग की मानें तो अभी तक केवल 7 लोगों को ही डेंगू पीड़ित पाया गया है। शहर के हर छोटे-बडे़ निजी अस्पताल में डेंगू के मरीजों का उपचार हो रहा है।
लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे मानने को तैयार नहीं है। सिविल सर्जन डॉ. शिवकुमार का दावा है कि डेंगू होने के पांच दिन पहले एनएस वन पाजिटिव आ ही नहीं सकता। इसके लिए एलाइजा पाजिटिव होना जरूरी होता है। निजी अस्पताल गलत टेस्ट कर गलत पाजिटिव बताते हैं। लोगों के दिमाग में डेंगू का डर बैठा कर मोटी कमाई हो रही है। अभी तक डेंगू का कोई भी मरीज गंभीर नहीं हुआ है।
जिसके बारे में स्वास्थ्य विभाग को पता चलता है, उसके घर जाकर रिपोर्ट देखी जाती है और पता लगाया जाता है कि वह किस जांच में पाजिटिव आया है। डॉ. शिव ने बताया कि प्लेटलेट्स वायरल व अन्य बुखार के चलते भी कम हो जाता है। 30 हजार से कम प्लेटलेट्स होने पर स्थिति गंभीर होती है। 70 हजार तक मरीज को कोई समस्या नहीं होती।
महिला कांग्रेस की प्रदेश सचिव को डेंगू
प्रेम नगर निवासी हरियाणा महिला कांग्रेस कमेटी की प्रदेश सचिव मृदुला शर्मा डेंगू की चपेट में हैं। इसकी पुष्टि मुंबई के एक निजी अस्पताल में हुई है। वे रोहतक से शिरड़ी गई थीं। मुंबई में उपचाराधीन रहने के बाद वे रोहतक में आई और शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती रहीं। मृदुला ने बताया कि अब उनकी हालत में सुधार है। बता दें कि कुछ दिन पहले ही शर्मा की रिश्तेदारी में एक मौत हुई थी। मृतक को डेंगू का संभावित मरीज बताया जा रहा था।