जिस गांव ने सर्वसम्मति से सरपंच चुनकर नजीर पेश की, उसी गांव में जिला परिषद के चुनाव में वोटिंग के आखिरी 15 मिनट में लट्ठ बरसे। पुलिस कार्रवाई से गुस्साई महिलाओं ने भीड़ को स्कूल दीवार तक लट्ठ लेकर दौड़ाया।
मामला बसंतपुर गांव का है। वोटिंग तो खत्म हो गई थी, लेकिन डीएसपी को भारी पुलिस बल के साथ पहुंचना पड़ा तब जाकर मामला शांत हुआ। बसंतपुर के सरकारी स्कूल में मतदान खत्म होने से 15 मिनट पहले हंगामा हो गया।
जिला परिषद सदस्य प्रत्याशी अनीता की जेठानी संतोष मतदान केन्द्र में पहुंची और दिल्ली पुलिस में एसआई उनका बेटा भी वोट डालने के लिए वहां गया। संतोष का आरोप है कि इस दौरान मतदान केन्द्र में ड्यूटी कर रहे एक पुलिस कर्मी ने उसको जबरन बाहर निकालने का प्रयास किया और उसके साथ मारपीट की।
आरोप है कि हंगामा हुआ तो उनके विपक्षी कुछ युवक वहां आ गये और उसके एसआई बेटे के साथ भी मारपीट कर दी। जिससे दोनों पक्षों की महिलाएं भी आमने-सामने आ गईं और जमकर लाठी-डंडे चले। मतदान केंद्र में ड्यूटी पर लगे पुलिस कर्मी आराम से खड़े होकर यह सब देखते रहे और वहां दोनों पक्षों में मारपीट होती रही।
संतोष का कहना है कि मारपीट करने के बाद दूसरे पक्ष के लोग भाग गये, लेकिन हंगामा होते ही मतदान को कुछ देर पहले ही रोक दिया गया। डीएसपी पवन शर्मा अन्य पुलिस कर्मियों के साथ पहुंचे और महिलाओं को किसी तरह समझाकर शांत कराया।
डीएसपी से महिलाएं उस पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गईं, जिसपर मारपीट का आरोप लगाया गया। डीएसपी ने उनसे लिखित में शिकायत देने के लिए कहा, जिसके बाद महिलाओं को उनके परिवार वाले वहां से लेकर चले गये। उसके बाद ही मतदान कर्मी ईवीएम लेकर निकल गये।