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सीएम बोले, जाट समाज की जायज मांगें स्वीकार, नाजायज पर विचार भी नहीं 

Sat, 18 Jun 2016 02:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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सीएम खट्टर - फोटो : file photo
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आरक्षण समेत कई मांगों को लेकर चल रहे जाट समाज के आंदोलन को विपक्षी पार्टियों के समर्थन देने पर सीएम मनोहर लाल खट्टर नाराज दिखे। उन्होंने कहा है कि आरक्षण आंदोलन पर विपक्षी दल राजनीति ना करें, क्योंकि सरकार इस तरह दबाव में काम नहीं करेगी। सीएम ने कहा कि जाट समाज की जायज मांगों को सरकार मानने के लिए तैयार है, लेकिन नाजायज मांगों पर विचार भी नहीं किया जाएगा। 
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर शुक्रवार को वैश्य कालेज के सभागार में पार्टी कार्यकर्ता सम्मलेन में शामिल होने आए थे। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन पर विपक्षी दल राजनीति कर रहे हैं। धरनों को समर्थन देकर वह राजनीति चमका रहे हैं और सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहें है। सीएम ने विपक्षी दलों से कहा कि वह धरनों को समर्थन देने की जगह सरकार के साथ आकर खड़े हों, जिससे कोर्ट में आरक्षण की पैरवी करने में सहयोग मिले। सीएम ने कहा कि सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि किसी निर्दोष को जेल नहीं जाने दिया जाएगा तो मुआवजे और नौकरी की घोषणा पहले ही हो चुकी है। जिस पर कार्रवाई चल रही है और अन्य जायज मांगों पर विचार किया जा रहा है। 

जिन मुकदमों में नहीं मिले सबूत, उनको खत्म कराएगी सरकार
पिछले आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव के बाद केस दर्ज कराने वालों की सहायता केंद्रों में लाइन लग गई थी। प्रदेश में ढाई हजार से ज्यादा मुकदमे दर्ज कराए गए। केवल रोहतक में 1200 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से अधिकतर मुकदमों में पुलिस को कोई ऐसा सबूत नहीं मिला है, जिससे आरोपी पकड़े जाएं। इसे देखते हुए उनको जल्द खत्म करने की तैयारी है। सीएम खट्टर ने पत्रकारों से बातचीत में इस तरह से संकेत दिये हैं। खट्टर ने कहा कि मुकदमे संबंधी जितनी भी मांग है, उन पर सरकार विचार कर रही है। सरकार के हाथ में मांग का समाधान करना होगा तो किया जाएगा। जिन मामलों में कोई सबूत नहीं मिले हैं उसमें कार्रवाई ही नहीं बनती है। 
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