रोहतक। पीजीआई में निजी कंपनी के तहत काम कर रहे कर्मचारियों के वेतन, हाजिरी व गलत उपस्थिति के नाम पर किए गए घोटाले में शुक्रवार को भी सीएम फ्लाइंग की जांच जारी रही। पीजीआई पहुंची टीम ने वहां संंबंधित कंपनी से जुड़े दस्तावेज जुटाने के लिए तीन घंटे रिकॉर्ड खंगाला। पीजीआई में 1100 से अधिक बैरर, डाटा एंट्री ऑपरेटर व मिसलीनियस पदों पर कर्मचारी ठेके के तहत काम कर रहे हैं। इनमें से कुछ कर्मचारी खुद को हरियाणा काैशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) में शामिल होने की मांग कर रहे थे। इसके चलते कंपनी ठेकेदार ने इन्हें काम से हटा दिया। मामले में शिकायत की गई। इसमें 50 करोड़ रुपये से अधिक का घोटाला किए जाने का दावा किया गया है।
इसी सिलसिले में शुक्रवार को दूसरे दिन भी सीएम फ्लाइंग पीजीआई पहुंची। यहां ठेकेदार व उसके कर्मचारियों से मुलाकात की। केस से जुड़े दस्तावेज जुटाने के लिए रिकॉर्ड खंगाला। इसके बाद टीम वापस लौट गई। बता दें कि पीजीआई में करीब 50 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। इसमें निजी कंपनी व प्रशासन की मिलीभगत का आरोप लगाया गया है।