माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। खाद्य उत्पाद के प्रत्येक पैकेट पर उत्पाद का नाम स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए। उपभोक्ता को उत्पाद की सही पहचान के लिए यह अनिवार्य है। इसके साथ ही उत्पाद का सही वजन अथवा मात्रा भी स्पष्ट रूप से लिखी जानी चाहिए।
उत्पाद में प्रयुक्त सभी अवयवों की सूची घटते क्रम में अंकित की जाए ताकि उपभोक्ता को उसमें इस्तेमाल की गई सामग्री की सही जानकारी मिल सके। खाद्य लेबलिंग संबंधी नियमों का पालन नहीं करने वाले कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को उपायुक्त सचिन गुप्ता ने अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के निर्धारित खाद्य लेबलिंग संबंधी दिशा-निर्देशों का सभी खाद्य कारोबार संचालकों के लिए पूर्ण रूप से पालन करना अनिवार्य है। सही और स्पष्ट लेबलिंग न केवल उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करती है बल्कि खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता भी सुनिश्चित करती है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी खाद्य उत्पाद में दूध, मूंगफली, सोया, अंडा, गेहूं, मछली, तिल अथवा अन्य किसी प्रकार के एलर्जेन तत्व शामिल हैं तो इसकी जानकारी उपभोक्ता को स्पष्ट रूप से दी जानी चाहिए। एलर्जेन संबंधी घोषणा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है इसलिए इसका उल्लेख बोल्ड अथवा आसानी से दिखाई देने वाले अक्षरों में किया जाना चाहिए।
उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक खाद्य उत्पाद पर निर्माण तिथि, पैकिंग तिथि तथा उपयोग की अंतिम तिथि (एक्सपायरी/बेस्ट बिफोर) स्पष्ट रूप से अंकित होना अनिवार्य है। इससे उपभोक्ता उत्पाद की गुणवत्ता और उपयोग अवधि के संबंध में सही निर्णय ले सकता है।