9-रोहतक के एमडीयू में नवनिर्मित स्वर्ण जयंती द्वार। संवाद
रोहतक। एमडीयू में शनिवार को मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत के स्वागत को लेकर विवि प्रशासन ने पुख्ता तैयारियां की हैं। सीजेआई शनिवार दोपहर 12 बजे के बाद कैंपस पहुंचेंगे और विभिन्न कार्यों का उद्घाटन करेंगे। वह सबसे पहले विश्वविद्यालय के नवनिर्मित स्वर्ण जयंती द्वार का उद्घाटन करेंगे। यह द्वार करीब 1.25 करोड़ की लागत से बनाया गया है।
एमडीयू के एक्सईएन जगदीश दहिया ने बताया कि झज्जर रोड की ओर से आने वाले खिलाड़ियों व विद्यार्थियों को अब गेट नंबर-2 तक घूमकर नहीं जाना पड़ेगा। इससे उनके समय की बचत होगी और ट्रैफिक दबाव भी कम होगा। वहां से रविंद्र नाथ टैगोर ऑडिटोरियम में आयोजित एलुमिनी मीट में विश्वविद्यालय के पूर्व व वर्तमान विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे।
द्वार के दोनों ओर वाहन पार्किंग की सुविधा रहेगी। बड़े कार्यक्रमों और कार्यशालाओं के दौरान लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है। विवि प्रबंधन का कहना है कि नया प्रवेश द्वार यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने में मददगार साबित होगा।
पुस्तकालय में यूपीएससी कॉर्नर का शुभारंभ करेंगे सीजेआई
सीजेआई सूर्यकांत एमडीयू के पुस्तकालय में यूपीएससी कॉर्नर का शुभारंभ करेंगे। यह कॉर्नर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए समर्पित रहेगा। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें, अध्ययन सामग्री और शांत अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया।
1984 में एमडीयू से की थी एलएलबी
सीजेआई सूर्यकांत ने 1984 में एमडीयू से एलएलबी की थी। इसके बाद हिसार जिला न्यायालय में वकालत शुरू की। वर्ष 1985 में पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय में वकालत करने के लिए चंडीगढ़ चले गए थे। वह हरियणा के सबसे युवा एडवोकेट जनरल भी रहे हैं। सीजेआई बनने से पहले वह एमडीयू आ रहे हैं। वह तीन साल पहले एमडीयू के दीक्षांत समारोह में शामिल हो चुके हैं।