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सिविल सर्विस वालों को केवल ट्रायल से नहीं मिलेगा नेशनल का टिकट

Tue, 04 Aug 2015 02:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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नेशनल गेम्स में केवल ट्रायल देकर खेलने वाले सिविल सर्विस के खिलाड़ियों के लिए मुश्किल भरी खबर है।
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अब उन्हें केवल ट्रायल के आधार पर नेशनल गेम्स का टिकट नहीं मिलेगा। नेशनल गेम्स के ट्रायल से पहले उन्हें जिला व प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता की बाधा भी पार करनी होगी।

वहीं, जिलास्तर पर जूनियर खिलाड़ियों के लिए अब केवल एक वर्ग अंडर-19 रहेगा, जबकि पहले उम्र के अनुसार अलग-अलग वर्गों में खिलाड़ी खेलते थे।

इसमें 1 जनवरी 1997 से बाद जन्म लेने वाले सभी खिलाड़ी शामिल किए जाएंगे। अंडर-14 व अंडर-16 वाले खिलाड़ियों को अच्छा प्रदर्शन करने के लिए जूझना पड़ेगा, क्योंकि उनके साथ ज्यादा उम्र के खिलाड़ी भी टक्कर देने के लिए तैयार होंगे।
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नए नियम तुरंत प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। इसकी पुष्टि खुद जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी ओमपति मल्हान ने की है।
सरकारी नौकरी के साथ खेल में आगे रहने वाले पहले बड़ी आसानी से नेशनल गेम्स तक का सफर तक कर लेते थे, क्योंकि उनको केवल एक ट्रायल में उम्दा प्रदर्शन करते ही टिकट मिल जाता था। जबकि अन्य को पहले जिला व फिर प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में जीत दर्ज करनी होती है और उसके बाद ट्रायल। अब उनको केवल ट्रायल के आधार पर नेशनल गेम्स का टिकट नहीं मिलेगा। ये नियम एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, ब्रिज, क्रिकेट, कैरम, चैस, फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, पावर लिफ्टिंग, स्वीमिंग, टेबल टेनिस, बालीवॉल, वेट लिफ्टिंग, लॉन टेनिस, रेसिलंग में लागू होगा।  
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