एमडीयू हॉस्टल में विदेशी छात्र के साथ लूटपाट का मामला केन्याई दूतावास पहुंच गया है।
आला अधिकारियों ने पुलिस से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। उधर, पुलिस ने बीती रात गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
कैलाश गिरी हॉस्टल में रहने वाले केन्याई छात्र जॉन के साथ शनिवार रात को कुछ युवकों ने मारपीट कर सामान लूट लिया था। पीड़ित ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया।
रविवार को पुलिस ने झज्जर जिले के गोच्छी गांव के तीन आरोपियों को फुटेज के आधार पर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों कृष्ण, दिनेश और अनिल ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह दोस्त से मिलने के लिए गए थे, जहां उनकी जॉन के साथ कहासुनी हो गई।
उनकी मंशा जॉन को नुकसान पहुंचाने की नहीं थी। पुलिस ने तीनों आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया है। भले ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिए गए हों, लेकिन अब यह मामला बढ़ता दिखाई दे रहा। मीडिया में खबर आने के बाद केन्याई दूतावास ने पुलिस से रिपोर्ट मांग ली है। सूत्रों की मानें तो पीजीआई थाना पुलिस ने एसपी के माध्यम से रिपोर्ट भेज दी है। हालांकि पुलिस रिपोर्ट की पुष्टि करने से पीछे हट रही है।
आज मिल सकता है सामान
बरामद किया गया सामान अभी विदेशी छात्र को नहीं मिला है। सामान वापस लेने के लिए वह दिन भर थाने में बैठकर कानूनी प्रक्रिया पूरी करता रहा। जॉन के साथी ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार शाम तक सामान सुपुर्द करने का आश्वासन दिया है। सामान वापस मिलते ही जॉन अपने देश वापस चला जाएगा।
मैं अब नहीं आना चाहता इंडिया : जॉन
पीड़ित केन्याई छात्र बार-बार बस एक ही बात कह रहा है कि मेरा सामान वापस दिला दो। मैं किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना चाहता। मैं अपने देश वापस जाना चाहता है, यदि कार्रवाई के चक्कर में पड़ गया तो उसे गवाही देने के लिए बार-बार आना पड़ेगा। जिस तरीके से मेरे साथ घटना हुई है वह गलत है। जॉन को उसके देश वापस भेजने के लिए एमडीयू के पूर्व छात्र संदीप अहलावत और अन्य लोग उसका सहयोग कर रहे हैं। हर कोई जॉन की मदद के लिए आगे आ रहा है। जॉन का कहना है कि मैं अब वापस इंडिया नहीं आना चाहता।
आखिर कौन है चौथा आरोपी
विदेशी छात्र ने घटना में चार आरोपियों का जिक्र किया था, लेकिन पुलिस ने तीन को ही गिरफ्तार किया है। सवाल यह है कि चौथा आरोपी कौन था और उसे लेकर चुप्पी क्यों साधी जा रही है। यूनिवर्सिटी प्रशासन भी चौथे आरोपी को लेकर खामोश क्यों है। कहीं ऐसा तो नहीं है कि उसे जान-बुझकर बचाया जा रहा हो।
वर्जन
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया गया है। विदेशी छात्र के मामले में कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही।
- कुलदीप सिंह, एसएचओ पीजीआई थाना