कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारी में स्वास्थ्य विभाग जुट गया है। फिलहाल हर रोगी को ऑक्सीजन मुहैया कराने पर फोकस है। सिविल अस्पताल ही नहीं सीएचसी व पीएचसी में भी समुचित ऑक्सीजन रखने का खाका तैयार किया गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि तीन दिन में सिविल अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट चालू हो जाएगा, जिसकी क्षमता 150 से 200 बड़े सिलिंडर ऑक्सीजन उत्पादन करने की है। सिविल अस्पताल से ऑक्सीजन के 44 सिलिंडर सीएचसी व पीएचसी में भेजे जाएंगे, जहां के 10-10 बेड को ऑक्सीजन लाइन से जोड़ा जाएगा।
कोरोना की दूसरी लहर में सबसे ज्यादा दिक्कत ऑक्सीजन की कमी होने की वजह से हुई। मरीजों की मौत समुचित ऑक्सीजन नहीं मिलने की वजह हुई। इसके मद्देनजर शासन-प्रशासन कोरोना की तीसरी संभावित लहर में समुचित ऑक्सीजन की व्यवस्था करने में जुटा है। विशेषज्ञों का कहना है कि तीसरी लहर में सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावित होंगे, इसलिए बच्चों के हिसाब से तैयारी की जा रही है। सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि प्लांट तीन दिन में चालू हो जाएगा। इसके बाद सिविल अस्पताल के 100 बेड पर 24 घंटे ऑक्सीजन की सुविधा मुहैया होगी। चूंकि प्लांट की क्षमता 150 से 200 बड़े सिलिंडर रोज ऑक्सीजन उत्पादन करने की है। शुरुआत में 150 सिलिंडर के हिसाब से ऑक्सीजन का उत्पादन किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर 200 सिलिंडर। इसके बाद सिविल अस्पताल से 44 सिलिंडरों को सीएचसी व पीएचसी पर भेजा जाएगा ताकि वहां आने वाले रोगियों को जरूरत पड़ने पर तुरंत ऑक्सीजन मिल सके। इसके साथ ही 10-10 बेड को ऑक्सीजन लाइन से जोड़ा जाएगा।
तीन सीएचसी बनेंगे स्टैपलाइजिंग यूनिट
जिले के सीएचसी कलानौर, महम व सांपला में स्टैपलाइजिंग यूनिट बनाई जाएगी। यहां आने वाले संक्रमित बच्चों को डॉक्टर से तुरंत उपचार मिलेगा। जरूरत पड़ने पर ही डॉक्टर रोगी को उच्च चिकित्सा के लिए पीजीआई रेफर करेगा।
सीएचसी पर उपलब्ध रहेगी एंबुलेंस
सीएचसी के रोगी को उच्च चिकित्सा के लिए रेफर करने के साथ ही एंबुलेंस की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी ताकि परिजनों को परेशान नहीं होना पड़े। इसके लिए हर सीएचसी पर 24 घंटे एंबुलेंस की सुविधा रहेगी।
सिविल अस्पताल में तीन दिन में ऑक्सीजन प्लांट चालू हो जाएगा। इसकी क्षमता 24 घंटे में 150 से 200 बड़े सिलिंडर ऑक्सीजन उत्पादन की होगी। सिविल अस्पताल में 100 सिलिंडर ऑक्सीजन की खपत है। शेष ऑक्सीजन सीएचसी व पीएचसी में भेजा जाएगा। जहां पर 10-10 बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा होगी।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन, रोहतक
संगठनों की मदद से सिविल अस्पताल में लगाए जाएंगे 30 वेंटिलेटर
स्वास्थ्य विभाग सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में 25 वेंटिलेटर और निकू वार्ड में पांच वेंटिलेटर की व्यवस्था कराने के प्रयास में जुटा है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कुछ संगठन ने वेंटिलेटर देने का भरोसा दिया है। सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में 12 वेंटिलेटर और निकू में एक वेंटिलेटर है। सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए सिविल अस्पताल में वेंटिलेटर की संख्या बढ़ाने का पूरा प्रयास चल रहा है। इसको लेकर कुछ संगठनों से बात की गई, जिन्होंने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। यदि मदद मिली तो सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में 25 और निकू में पांच वेंटिलेटर होंगे।