City winds up stifling, AQI crosses 400
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मौसम में बदलाव के साथ लोगों का दम घुटने लगा है। जिले में 400 पार पहुंचे प्रदूषण के स्तर ने सांस लेना तक मुश्किल कर दिया है। धूल कणों के बादलों में छिपे सूर्य की किरणें ठीक से धरती तक नहीं पहुंच पाई। त्योहार पर बाजारों व सड़कों पर भीड़ के कारण रौनक नजर आने लगी है। इस रौनक के साथ सांस संबंधी समस्या भी खड़ी हो गई। वाहनों व अन्य कारणों से हवा में घुल रहा जहर लोगों को परेशान कर रहा है। प्रदूूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। हालात ये है कि एक्यूआई यानी हवा की गुणवत्ता सामान्य से आठ गुणा अधिक प्रदूषित हो गई है। रविवार दोपहर एक बजे यह गुणवत्ता 402 दर्ज की गई तो शाम सवा चार बजे यह 403 एक्यूआई रही। यह हवा सेहत के लिए खतरनाक है। चिकित्सक के मुताबिक, प्रदूषण के चलते सबसे अधिक सांस रोगी प्रभावित हैं। दमा व अस्थमा के मरीज अधिक परेशान हैं। मरीजों के अलावा बुजुर्गों व बच्चों को भी इन दिनों सांस लेने में परेशानी आ रही है। सामान्य लोगों पर भी प्रदूषण का असर पड़ रहा है।
पीएम 2.5 रहा 198.7
पीएम 2.5 यानी हवा में मौजूद सूक्ष्म धूल कणों का स्तर 198.7 दर्ज किया गया। सल्फरडाई ऑक्साइड 30.7, नाइट्रोजन ऑक्साइड 0.1, ओजोन 83.6 व कार्बन डाईऑक्साइड 0.5 दर्ज किया गया। ये आंकड़े प्रदूषण के स्तर को साफ दर्शा रहे हैं। हवा में इन धूल कणों की अधिकता रोगों को निमंत्रण देती है।
ये बरतें एहतियात
- घर से बाहर जाने से परहेज करें।
- सुबह व शाम को घूमने से बचें।
- घर से बाहर जाने से पहले मास्क लगाएं।
- जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।
- सांस रोगी अपनी दवा समय पर लें।
- तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।