संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। अस्थल बोहर में बाबा मस्तनाथ की पुण्य स्मृति में लगे तीन दिवसीय वार्षिक मेले के दूसरे दिन मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। 8वीं सदी में बने मठ में हरियाणा के साथ आसपास के राज्यों से पहुंचे भक्तों ने मत्था टेककर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मेले को लेकर मठ को रंग-बिरंगी लाइटों व दीपों से सजाया गया है।
मठ के गद्दीनशीन महंत बाबा बालकनाथ योगी ने विशेष पूजा-अर्चना और आरती की। इसके बाद वे गद्दी पर बैठे और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। मठ में अल सुबह से ही श्रद्धालुओं के यहां आने का सिलसिला शुरू हो गया और शाम तक चलता रहा।
श्रद्धालुओं ने बाबा मस्तनाथ के समाधि स्थल व पवित्र धूणे पर मत्था टेका और मन्नत मांगी। इन स्थानों को भव्य रूप से फूलों और दीपों से सजाया गया है। मठ में देशभर से नागा साधुओं और संतों का आगमन हुआ। ढोल नगाड़ों के साथ प्राचीन वाद्य यंत्रों को देख श्रद्धालु आनंदित हुए।
मेले में पहली बार सर्कल कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें 8 टीमें हिस्सा ले रही हैं। यह प्रतियोगिता दर्शकों में खास उत्साह भरने वाली रही। मेले में दूर दूर तक अनेक दुकानें भी लगी हैं। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की नवमी यानी बुधवार को तीसरे दिन मेले का विधिवत समापन कुश्ती दंगल के साथ होगा।
आठवीं शताब्दी में हुई थी मठ की स्थापना
बाबा मस्तनाथ मठ की स्थापना आठवीं शताब्दी में परम सिद्ध शिरोमणि चौरंगीनाथ महाराज ने की थी। नाथ संप्रदाय का यह प्रमुख केंद्र लंबे समय से धर्म, संस्कृति और सामाजिक चेतना का आधार रहा है।
18-बाबा मस्तनाथ की स्मृति में लगे मेले में रंगबिरंगी रोशनी से नहाया मठ परिसर। स्रोत : मठ- फोटो : Samvad