रोहतक। सिंहपुरा खुर्द राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बच्चों और अध्यापकों को बाल विवाह के खिलाफ 100 दिवसीय अभियान के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम का आयोजन एमडीडी ऑफ इंडिया, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण व महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी की ओर से किया गया।
महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंदर कौर ने कहा कि कानून के अनुसार निश्चित आयु से पहले किसी भी बच्चे का विवाह कर देना बाल विवाह होता है। इस कुप्रथा का शिकार ज्यादातर लड़कियां होती हैं। कई मामलों में देखा गया है कि लड़कियों की उम्र बहुत ही कम होती है।
लड़कों की उम्र उनके मुकाबले दोगुनी या उससे भी ज्यादा होती है। बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार ऐसा कोई भी व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, उसको बढ़ावा देता है और उसमें सहायता करता है तो उसको दो साल तक की सजा सहित एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इस अवसर पर स्कूल के प्राचार्य इंचार्ज, अध्यापक, अध्यापिकाएं व एमडीडी ऑफ इंडिया संस्था की टीम उपस्थित रही।