रोहतक। अक्षय तृतीय पर्व के अवसर पर लॉकडाउन की आड़ में कोई बेटी बालिका वधू न बन जाएं। इसका जिला वासियों को अपने आस पड़ोस में ध्यान रखना है। अगर बाल विवाह की सूचना मिले तो तत्काल महिला हेल्प लाइन 1091 या चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 या फिर महिला हेल्प डेस्क 181 सूचना दें। यह अपील महिला एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी कमिंद्र कौर की तरफ से जारी की गई है।
उन्होंने बताया कि अक्षय तृतीया पर्व 26 अप्रैल को है। माना जाता है यह दिन हर जोड़े के लिए शुभ होता है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोग इस दिन शादी समारोह आयोजित करते हैं। हालांकि इस बार हालात थोड़े अलग हैं। लॉकडाउन के चलते लोगों का घरों से निकलना बंद और हर सड़क मार्ग पर पुलिस बल तैनात है। फिर भी बाल विवाह की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में अलर्ट रहना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, उसको बढ़ावा देता है या उस में सहायता करता है, उसको दो साल तक की कड़ी सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। बाल विवाह से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में कमी आती है। स्वास्थ्य व पोषण पर खराब असर पड़ता है। बाल विवाह से मातृत्व मृत्यु दर व बाल मृत्यु दर में बढ़ोतरी होती है व बच्चों के उत्पीड़न व शोषण को बढ़ावा मिलता है। बाल विवाह भी एक तरह की हिंसा है जिसे समाज में जागरूकता व हस्तक्षेप से रोका जा सकता है। दूसरा, बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार 18 साल से कम उम्र की लड़की और 21 साल से कम उम्र के लड़के को नाबालिग माना जाता है और उनकी इस उम्र से कम में शादी करने पर यह गैर जमानती अपराध है। ऐसे में अगर किसी को भी अपने आसपास बाल विवाह के बारे में पता चले तो तुरन्त संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी के मोबाइल नं 94661,06100, महिला थाना महिला हेल्प लाइन (1091), चाइल्ड लाइन (1098), पुलिस कंट्रोल रूम (100) व महिला एवं बाल विकास विभाग, महिला हेल्प डेस्क 181 पर सूचित करें।
बाल विवाह का आरोप, माता-पिता से की पूछताछ
बाल विवाह निषेध अधिकारी ने बताया कि किसी ने गुप्त पत्र भेेजा है कि शहर की एक कॉलोनी में एक नाबालिग लड़की की शादी कर दी गई है। पत्र में उसके माता-पिता का पता दिया गया। विभाग ने दंपति से संपर्क कर पूछताछ की। फिलहाल माता-पिता का कहना है कि लड़की की शादी ही नहीं की है। कोई झूठी शिकायत दे रहा है। लड़की अपने मामा के घर गई हुई है। विभाग ने दंपति से कहा है कि लॉकडाउन के बाद लड़की को उनके सामने लाया जाए, ताकि बयान दर्ज किए जा सकें।
एक दशक में बढ़ी बाल विवाह की शिकायत
साल शिकायत रुकवाई शादी गलत सूचना
2009-10 1 1 -----
2010-11 8 6 2
2011-12 14 11 2
2012-13 16 6 5
2013-14 10 5 5
2014-15 18 10 4
2015-16 15 6 8
2016-17 20 15 2
2017-18 25 20 4
2018-19 19 14 5
2019-20 10 7 3