शहर के बाहर जींद रोड पर तालाब के पास जमीन में दबे नवजात के शव को कुत्ते नोंचते रहे। बताया जा रहा है कि नवजात का शव दो दिन पहले तालाब के पास पड़ा हुआ था, लेकिन उस समय किसी ने पुलिस को सूचना नहीं दी। इसके बाद किसी ने नवजात के शव को जमीन दबा दिया, लेकिन उसका सिर बाहर निकला हर गया। इस बीच कुत्ते शव को नोंचने लगे तो एक आरा मशीन मालिक की उस पर निगाह पड़ी। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की और नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। शव के बारे में पुलिस को फिलहाल अहम जानकारी नहीं मिली है।
शास्त्रीनगर कालोनी के रहने वाले तिलकराज की जींद रोड पर पेट्रोल पंप के पास आरा मशीन है। शुक्रवार शाम उन्होंने देखा कि तालाब के किनारे कुत्तों का जमावड़ा लगा है और वह आपस में झगड़ रहे हैं। वह कुत्तों को भगाने के लिए पहुंचे तो देखा जमीन में एक नवजात (लड़का) का शव दबा हुआ है। शव का सिर जमीन से बाहर होने के कारण कुत्ते उसे नोंच रहे हैं। उन्होंने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम में नवजात का शव दबा होने की सूचना दी। उसी समय वहां सिटी थाना एसएचओ जगबीर सिंह पहुंच गए और छानबीन करने लगे। जानकारी मिलने पर एफएसएल टीम प्रभारी सरोज दहिया, तहसीलदार गुलाब सिंह, बीडीओ राकेश सिंधु भी पहुंच गए। सभी डाक्टर के आने का इंतजार करते रहे और डाक्टर कई घंटे बाद पहुंचे। डाक्टर के आने के बाद शव को जमीन से निकालकर जांच शुरू की गई, लेकिन पुलिस को कोई अहम जानकारी नहीं मिल सकी। डाक्टर की जांच में यह जरूर पता चला कि नवजात का शव दो दिन पुराना है और लड़के है। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस फिलहाल जांच में जुटी है कि नवजात के शव को किसने फेंका है और उसे किस हालत में फेंका गया?