माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। एमडीयू को मुख्यमंत्री मनोहर लाल बुधवार को 2460 लाख रुपये की योजनाओं की सौगात देंगे। महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती पर विवि परिसर में सुबह हवन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसके बाद विवेकानंद पुस्तकालय भवन के विस्तार का मुख्यमंत्री उद्घाटन करेंगे। साथ ही पब्लिक हेल्थ वेलनेस सेंटर व वैदिक एवं योगिक शिक्षण केंद्र का शिलान्यास भी करेंगे। इधर, एमडीयू प्रशासन मंगलवार को दिन भर सीएम के स्वागत की तैयारियों में जुटा रहा। बाग-बगीचे सजाने संवारने के साथ पुस्तकालय भवन के विस्तार वाले हिस्से में साफ-सफाई का काम देर शाम तक जारी रहा।
850 लाख से हुआ विवेकानंद पुस्तकालय भवन का विस्तार
एमडीयू परिसर में विवेकानंद पुस्तकालय भवन का विस्तार किया गया है। इस पर करीब 850 लाख रुपये खर्च हुआ है। दो मंजिला इस भवन में 1200 छात्र बैठकर अध्ययन कर सकते हैं। प्रत्येक तल पर करीब 400 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। इससे पूर्व पुस्तकाल में 250 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था थी। अब यहां एक बार में करीब 650 विद्यार्थी एक तल पर बैठ सकेंगे। अत्याधुनिक सुविधा संपन्न इस वातानूकूलित भवन में कम्प्यूटर सिस्टम व सीसीटीवी भी लगाए जाएंगे। कमरे के बाहर सामान रखने के लिए अलग व्यवस्था रहेगी। यह पुस्तकालय वर्ष 1991 में बनाया गया था। पिछले 30 वर्षों में पुस्तकालय के सदस्यों व सुविधाओं में काफी वृद्धि हुई है। अब विवेकानंद पुस्कालय भवन का विस्तार कुल कवर क्षेत्र के साथ 3700 वर्ग हो गया है। इसमें तीन रीडिंग हॉल, भूतल पर पढ़ने की क्षमता 370 विद्यार्थी, पहली मंजिल पर 404 व दूसरी मंजिल पर 378 विद्यार्थी बैठ सकेंगे। शिक्षकों के लिए प्रथम तल पर फैकल्टी लाउंज 24 घंटे सातों दिन खुला रहेगा। मॉड्यूलर फर्नीचर, पूरी तरह वातानुकूलित, लैपटॉप या मोबाइल चार्जिंग सुविधा, अलग मोबाइल जोन, वाई-फाई सुविधा, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, ऊर्जा कुशल एलईडी जुड़नार व अधिभोग सेंसर, फायर अलार्म और फायर फाइटिंग सिस्टम, लिफ्ट सुविधा, प्रत्येक मंजिल पर पुरुष एवं महिलाओं के लिए अलग शौचालय ब्लॉक, पेयजल सुविधा भी मुहैया कराई गई है।
डॉ. सतीश मलिक, अध्यक्ष, पुस्तकालय, एमडीयू
एमडीयू में 950 लाख से विकसित होगा पब्लिक हेल्थ वेलनेस सेंटर
एमडीयू में यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ साइंसेस (यूआईपीएचएस) की स्थापना की जाएगी। इसके लिए करीब 950 लाख रुपये का बजट रखा गया है। यहां जनस्वास्थ्य विशेषज्ञ तैयार किए जाएंगे। सरकार ने डेढ़ लाख हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोलने की योजना बनाई है। इनके लिए यह संस्थान विशेषज्ञ मुहैया कराएगा। प्रदेश के हर वर्ष करीब 10 हजार जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों की जरूरत है, जबकि मिलने केवल 500 हैं। इसीलिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत देश का पहला पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड मास्टर डिग्री कार्यक्रम बनाया गया है। इसके तहत पहले वर्ष की पढ़ाई करने वाले को सर्टिफिकेट, दूसरे वर्ष तक पढ़ाई करने वाले को डिप्लोमा, तीसरे वर्ष तक पढ़ाई करने वाले उम्मीदवारों को स्नातक डिग्री व पांच वर्ष की पढ़ाई पूरी करने पर स्नातकोत्तर डिग्री प्रदान की जाएगी। साथ ही नौकरी सुनिश्चित करने का भी प्रयास किया जाएगा। इस कोर्स की 60 सीटें रखी गई हैं। संस्थान के लिए एक प्रोफेसर, दो एसोसिएट प्रोफेसर, चार असिस्टेंट प्रोफेसर व चार अन्य फैकल्टी सदस्य रहेंगे। आने वाले पांच वर्ष में इसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। यहां पीजी डिप्लोमा, पीजी डिग्री, सर्टिफिकेट प्रोग्राम के साथ पीएचडी भी कराई जाएगी।
डॉ. मुनीष गर्ग, निदेशक, यूआईपीएचएस, एमडीयू
660 लाख की लागत से बनेगा वैदिक एवं यौगिक अध्ययन केंद्र
एमडीयू में पहली बार वेदों व योग को भी आम आदमी से जोड़ने का कदम उठाया गया है। इसके लिए 660 लाख रुपये की लागत से 2640 वर्ग मीटर क्षेत्र पर दयानंद सेंटर फॉर वैदिक एंड यौगिक स्टडीज का निर्माण किया जाएगा। इस भवन के लिए फिलहाल जगह तलाशी जा रही है। इसमें चार कक्षा कमरे, निदेशक रूम एक, कार्यालय एक, फैकल्टी कमरे चार, सभागार एक, पुस्तकालय हॉल एक, स्टोर एक, शौचालय, पैंट्री व अन्य बनाया जाना है। यौगिक अध्ययन के लिए चार कक्षा कमरे, एक निदेशक कमरा, एक कार्यालय, पांच फैकल्टी कमरे, एक योगा हॉल, पंचकर्म शश्तकर्म लैब एक, स्टोर एक, शौचालय व अन्य निर्माण किया जाएगा।
जेएस दहिया, एक्सईएन, एमडीयू