22 सीटीके23... शीला बाइपास स्थित पीसीएल कंपनी में जांच के दौरान मौजूद पुलिस। संवाद
घर बैठे पैसे कमाने का लालच देकर ठगी करने का बड़ा खेल सामने आया है। चंडीगढ़, पंचकूला व रोहतक की साइबर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को छापा डालकर ठगी के मामले का भंडाफोड़ किया है। कैप्चा भरवाकर तीन हजार लोगों से ठगी किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस ने कुछ जरूरी सामान व दस्तावेज भी जब्त किए हैं। मामले में 8 से 10 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने 18 करोड़ रुपये के दस्तावेज बरामद कर लिए हैं। प्राथमिक जांच में 30 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का मामला बताया जा रहा है।
चंडीगढ़, पंचकूला व रोहतक साइबर थाना पुलिस ने (बिना नाम लिए) बताया कि उनको कुछ दिन पहले धोखाधड़ी के बारे में सूचना मिली थी। इसके लिए उन्होंने एक आईडी पुलिसकर्मी की भी बनवाई। उसके एवज में पांच हजार रुपये दिए गए और कैप्चा भरवाया जाता था। मामला पकड़ में तब आया, जब पांच से 10 तक की आईडी वालों के पैसे वापस दिए जा रहे थे, लेकिन बड़ी रकम वालों को रुपये नहीं दिए जा रहे थे। उनकी कंपनी के एप पर लाखों रुपये दिखाए जा रहे थे। इस नकदी को वह अपने खाते में नहीं डाल पा रहे थे। इस कारण लोगों ने साइबर पुलिस से शिकायत की थी।
ऐसे आया पकड़ में मामला
साइबर पुलिस ने पूरे मामले का भंडाफोड़ करने के लिए स्वयं की आईडी बनवाई और प्रकरण की तह तक गए। इसमें कई लोग ऐसे हैं, जिनकी 10 से 20 लाख और 40 लाख रुपये तक की आईडी बनवाकर मोटी रकम का निवेश करा रखा था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 18 कराेड़ रुपये के दस्तावेज मिल चुके हैं और करीब इतनी ही रकम का पूछताछ में गड़बड़झाला पकड़ में आया है।
चेन सिस्टम से जोड़ते थे, पांच हजार रुपये लेकर दी जाती थी एक आईडी
दोपहर 12 बजे से रात करीब 10 बजे तक टीम ने पूछताछ करते हुए दस्तावेज और कंप्यूटर-सीपीयू आदि को कब्जे में ले लिया था। इसमें एक व्यक्ति को पांच हजार की आईडी बनाकर दी जाती थी और उसे अपने नीचे तीन से पांच लोगों को जोड़ना होता था। इस तरह करीब तीन हजार लोगों को जोड़ने की बात सामने आ रही है। कंपनी की ओर से लोगों को घर बैठे ही रुपये कमाने का लालच देकर उनको जोड़ते चले जा रहे थे। लोग भी खुश थे कि सोते-बैठते हुए वह हर रोज हजारों रुपये कमा रहे थे।