फास्ट फूड का बढ़ता चलन और बदलती जीवनशैली दांतों की सेहत पर भारी पड़ रही है। चिंताजनक यह भी है कि सेहत के नाम पर सबसे कम ध्यान ओरल हेल्थ (मौखिक स्वास्थ्य) पर दिया जा रहा है।
पीजीआईडीएस में रोजाना लगभग 600 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इनमें से 65 प्रतिशत ।(यानी करीब 400) मरीजों में दांतों में कीड़ा लगने व पायरिया की शिकायत मिल रही है। इसके अलावा 90 से 100 लोगों में कैंसर होने के लक्षण मिल रहे हैं। मुंह की सफाई और समय से इलाज करवाने से इन बीमारियों से बचा जा सकता है। यही नहीं 15 प्रतिशत लोगों में मुंह के कैंसर के लक्षण भी पाए जा रहे हैं। किडनी, लीवर, ह्रदय संबंधित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। जानकारों का मानना है कि मुंह में दांतों और मसूड़ों को फिट रखने के लिए ताजे फल खाने चाहिए। नट्स भी दांतों के लिए लाभदायक हैं।
शिविर लगाकर लोगों को मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा
पीजीआई डेंटल कॉलेज की ओर से 19 फरवरी से विश्व ओरल हेल्थ माह मनाया जा रहा है। इसमें गांवों में कैंप लगाकर लोगों को मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इस दौरान लोगों की जांच की जा रही है। गंभीर बीमारियों के मरीजों को पीजीआई डेंटल कॉलेज में रेफर कर निशुल्क इलाज किया जा रहा है।
क्यों मनाया जाता है विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस
हर वर्ष 20 मार्च को विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। यह दिन मौखिक स्वच्छता की अच्छी आदतों को बनाए रखने के महत्व की याद दिलाता है और हमारे समग्र स्वास्थ्य में मौखिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाता है। इस साल की थीम ए हैप्पी माउथ... ए हैप्पी माइंड है।
मौखिक स्वास्थ्य के लिए यह उपाय अपनाएं
-दिन में कम से कम दो बार ब्रश करें।
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दांतों के बीच और मसूड़ों पर जमे प्लाक को हटाने के लिए फ्लॉस का प्रयोग करें।
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अपने दंत चिकित्सक से नियमित रूप से मिलें।
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मीठे खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों की मात्रा सीमित रखें।
- धूम्रपान और अन्य तंबाकू उत्पादों से बचें।
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पीजीआई डेंटल कॉलेज में हर रोज लगभग 600 मरीज इलाज करवाने आ रहे है। इनमें से लगभग 400 मरीजों में दांत में कीड़े व पायरिया के मरीज मिल रहे हैं। मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए विश्व ओरल हेल्थ माह मनाया जा रहा है।
विपुल यादव, एसोसिएट प्रोफेसर, डेंटल कॉलेज।