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आज न बसें मिलेंगी न ही इलाज, हड़ताल

Fri, 02 Sep 2016 02:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से किसी भी सरकारी विभाग में नहीं होगा कामकाज - फोटो : amar ujala
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कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल की वजह से शुक्रवार को न तो बसें चलेंगी और न ही सरकारी अस्पतालों में इलाज मिल पाएगा। बैंकों में कामकाज नहीं होगा तो बिजली कर्मचारी फाल्ट नहीं ठीक करेंगे। इसी तरह लगभग सभी सरकारी विभागों में कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे और कोई कामकाज नहीं करेंगे। हालांकि, कई विभागों ने वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का दावा किया है, लेकिन यह व्यवस्था कितनी कारगर हो पाएगी यह कर्मचारियों के रुख पर निर्भर करेगा। फिलहाल कर्मचारियों का कहना है कि वह पूरी तरह से हड़ताल पर रहेंगे और इस बीच कोई भी सेवा संचालित नहीं होने देंगे। ऐसे में लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बस से यात्रा करने के बजाए निजी वाहन या टैक्सी से यात्रा करना बेहतर रहेगा। इसी तरह सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए जाने के बजाए निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ सकता है। बैंक में कोई काम है तो उसे टालना पड़ सकता है। इसी तरह, दूसरे सरकारी विभागों में होने वाले कामकाज को एक दिन के लिए स्थगित करना पड़ सकता है।
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 कर्मचारी और ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल के लिए रोडवेज कर्मचारी यूनियनों ने अपनी कमर कस ली है। देर रात से ही कर्मचारी बस स्टैंड पहुंच जाएंगे और बसों को बस स्टैंड से बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा। वहीं, हड़ताल को लेकर दिनभर कर्मचारियों की बैठकों का दौर चला। इस दौरान हड़ताल के लिए रणनीति तैयार की गई। दूसरी ओर, कर्मचारियों की हड़ताल को फेल करने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। इसके लिए रोहतक डिपो के जीएम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किये हैं। वहीं, रोडवेज अधिकारी दिनभर मीटिंग करते रहे और शुक्रवार को ज्यादा से ज्यादा संख्या में बसों को चलाने की योजना बनाई।
दो सितंबर को होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर हरियाणा रोडवेज की तीनों मुख्य यूनियन एकजुट हो गई हैं। सभी ने हड़ताल पर रहने का फैसला किया है। बृहस्पतिवार देर रात ही रोडवेज कर्मचारी बस स्टैंड पर जमा होने का फैसला किया है। कर्मचारियों की मानें तो रोहतक बस स्टैंड से सुबह पौने चार बजे चंडीगढ़ के लिए रवाना होने वाली बस को नहीं जाने दिया जाएगा।
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कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार परिवहन विभाग का अघोषित निजीकरण करके दोगली नीति अपना रही है। कर्मचारी परिवहन बेड़े में बसों की संख्या बढ़ाने की मांग वर्षों से करते आ रहे हैं। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के लिए भी संघर्ष किया जा रहा है। लेकिन सरकार इन मांगों को पूरा नहीं कर रही है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों के साथ सहमति बनने के बावजूद कर्मचारियों की मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। इससे साफ है कि सरकार की नीयत में खोट है।

बस स्टैंड पर नियुक्त किए नोडल अधिकारी

हरियाणा रोडवेज के रोहतक डिपो में लगभग 200 बसें हैं और लगभग एक हजार कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से लगभग सभी के हड़ताल पर रहने की उम्मीद है। इसी के चलते रोडवेज प्रबंधन ने भी कमर कस ली है। जीएम ने हड़ताल को फेल करने के लिए वर्कशॉप, बस स्टैंड और कार्यालय में कामकाज को सुचारु रूप से चलाने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं।

पुलिस लाइन में खड़ी की जा सकती हैं बसें

सभी यूनियनों के एकजुट होने के चलते डिपो की कुछ बसों को पुलिस लाइन में खड़ा किया जा सकता है, ताकि वहां से बसों को गंतव्य के लिए रवाना किया जा सके। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है, मगर कर्मचारी नेता इस ओर भी ध्यान रखे हुए हैं।
दूसरे जिलों से संपर्क में कर्मचारी नेता


रोहतक डिपो में हड़ताल करने के साथ-साथ कर्मचारी दूसरे जिलों के कर्मचारियों से भी तालमेल बनाए हुए हैं। अगर कोई बस रोहतक से रवाना हो भी जाती है तो उसे अगले जिले में रोक दिया जाएगा। ऐसा ही रोहतक में भी होगा। अगर कोई बस झज्जर, भिवानी या हिसार से दिल्ली या चंडीगढ़ के लिए आ जाती है तो उसे आगे नहीं जाने दिया जाएगा।


सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जा रही है। रोडवेज कर्मचारी हड़ताल में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। हड़ताल के चलते रोहतक डिपो की एक भी बस नहीं चल पाएगी। इसके लिए कर्मचारी पूरी तरह से तैयार हैं।
- महाबीर मलिक, प्रधान, हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन, सर्व कर्मचारी संघ


सरकार से कई दफा बातचीत होने और कर्मचारियों की मांगों पर सहमति बनने के बावजूद उन्हें लागू नहीं किया जा रहा है। इस वजह से कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी रोष है। सभी रोडवेज कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं।
- युद्धवीर दांगी, प्रधान, हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन संबंधित महासंघ

हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन (इंटक) पूरी तरह से हड़ताल के समर्थन में है। सरकार कर्मचारियों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। इस ज्यादती को किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।
- सुमेश, उपप्रधान, हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन, इंटक


हमारी यूनियन हड़ताल में शामिल नहीं है। अगर बस चलेंगी तो हमारी यूनियन के सदस्य बसों को जरूर चलाएंगे। प्रशासन इस बात की व्यवस्था करे कि कर्मचारियों को बस चलाने में किसी प्रकार की दिक्कत या विरोध का सामना न करना पड़े।
- कृष्ण, प्रधान, हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ


हमारा प्रयास है कि हड़ताल के कारण यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। ज्यादा से ज्यादा बस चलाने की कोशिश की जाएगी। इसके लिए बस स्टैंड, वर्कशॉप और अन्य सभी कार्यालयों में नोडल अधिकारी नियुक्त किये गए हैं। कर्मचारियों की रणनीति के अनुसार ही हम आगामी रणनीति तय करेंगे।
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- जीएम, हरियाणा रोडवेज, रोहतक डिपो
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