रोहतक। सनातन संस्कृति में होली, दीपावली जैसे पर्वों की तरह सभी को मात-पिता व पूर्वजों की पुण्यतिथि माननी चाहिए। उनको श्रद्धा भाव के साथ याद करना चाहिए। पर्वों की तरह ही इनका हमारे जीवन में बहुत महत्व होता है। यह बातें महामंडलेश्वर आचार्य विश्वेश्वरानंद गिरि महाराज ने वीरवार को श्रीराम कथा के अवसर पर कहीं।
ब्रह्मलीन स्वामी अमृतानंद महाराज के 24 वे निर्वाण दिवस पर श्रीराम कथा का आयोजन 27 फरवरी से 5 मार्च तक किया गया। स्वामी अमृतानंद मेमोरियल पार्क सब्जी मंडी गांधी कैंप में स्वामी अमृतानंद सेवा समिति की ओर से यह आयोजन किया गया।
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श्रीराम कथा के अंतिम दिन कथा व्यास महामंडलेश्वर आचार्य विश्वेश्वरानंद गिरी ने श्रीराम कथा का संपूर्ण वर्णन किया। महामंडलेश्वर बाबा करण पुरी महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी डा. परमानंद महाराज, स्वामी रामानुजदास महाराज, महामंडलेश्वर देवेंद्रानंद का सानिध्य प्राप्त हुआ। वहीं स्वास्थ्य जांच शिविर 250 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई।
श्रीराम कथा में मुख्य अतिथि युवा भाजपा नेता हिमांशु ग्रोवर पहुंचे। अतिथियों को पटका पहनाकर एवं प्रभु श्रीराम दरबार का स्मृति चिह्न देकर उनका अभिनंदन किया। संवाद