संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। जिले में रंगों का त्योहार होली बुधवार को उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया। गांवों में पारंपरिक होली खेली गई तो शहर में जमकर रंग-गुलाल उड़ा। सुंडाना गांव में होली पर परंपरा अनुसार खूब कोरड़े बरसे। ग्रामीणों ने भाईचारे और सामुदायिक एकता की मिसाल पेश की।
ग्रामीण उमेश सिंह, सुरेंद्र व राय सिंह ने बताया कि करीब 700-800 वर्षों से लगातार यह परंपरा निभाई जा रही है। गांव की सरपंच अंजू बाला ने बताया कि होली के दिन गांव में उत्सव का माहौल रहा। गांव के भुरान पाना चौक में ‘फाग’ का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
बुधवार सुबह 10 बजे गांव की महिलाएं ‘चुन्नी के कोरड़े’ के साथ खेलने के लिए चौक में एकत्रित हुईं। देवर-भाभी और अन्य ने एक दूसरे को रंग लगाया। देवरों ने भाभियाें पर पानी डाला तो भाभियों ने उन पर जमकर कोरड़े बरसाए।
पूर्व पार्षद कदम सिंह अहलावत ने बताया कि सेक्टर-एक में स्थानीय महिलाओं की ओर से रंग उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रुचि अहलावत, निधि बंसल, माला धींगड़ा, मिनाक्षी भुटानी व सीमा राठी मौजूद रहीं। सेक्टर-34 सनसिटी में परंपरागत उत्साह के साथ होली मनाई।
आरडब्ल्यूए के कार्यवाहक प्रधान रमेश अहलावत ने बताया कि 10 वर्षों से चली आ रही ‘फाग’ खेलने की परंपरा भाईचारे के साथ निभाई गई। होली केवल रंगों का त्योहार ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
30-सेक्टर एक में एक-दूसरे को रंग गुलाल लगाकर होली खेलती महिलाएं। स्रोत सेक्टरवासी