एमडीयू के आसपास उपद्रव मचाने वाले अब पुलिस की नजर से नहीं बच सकेंगे। यूनिवर्सिटी के गेट नंबर एक और दो पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली है।
उपद्रवी शहर में कई जगह सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए हैं लेकिन जांच में एमडीयू के सीसीटीवी की फुटेज सबसे महत्वपूर्ण साबित होगी। पुलिस का मानना है कि यहां लगे उच्च गुणवत्ता के कैमरों से उपद्रवी बच नहीं सके होंगे।
शहर में उपद्रव की शुरुआत दिल्ली रोड से हुई थी। दिल्ली बाईपास से लेकर एमडीयू के बीच की दूरी में उपद्रवियों ने पुलिस की दो गाड़ियों समेत अन्य कई वाहन जलाए। यहां तक वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी में भी आग लगा दीञ एग्रो मॉल में भी खूब तोड़फोड़ हुई। देखा जाए तो उपद्रवियों ने इसी को अपना केंद्र बना रखा था।
सूत्रों की मानें तो उपद्रवियों का यह तांडव एमडीयू के गेट नंबर एक और दो में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है। इसलिए पुलिस ने इन कैमरों के साथ-साथ यूनिवर्सिटी कैंपस में लगे सभी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली है।
फुटेज के रिकार्ड में कोई छेड़छाड़ न हो, इसके लिए पुलिस ने यूनिवर्सिटी के पास से इस रिकार्डिंग की हार्ड डिस्क भी ले ली है। बताया जा रहा है कि यह फुटेज पुलिस के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि यूनिवर्सिटी में लगे सभी कैमरे हाई क्वालिटी के हैं, जिसमें किसी भी व्यक्ति को पहचान आसानी से हो सकती है। पुलिस को अभी तक फुटेज से कितनी सफलता मिली इसका खुलासा नहीं किया जा है।
यह बोले कुलपतिपुलिस ने यूनिवर्सिटी से सीसीटीवी कैमरों की सभी फुटेज ले ली है। अब पुलिस ही फुटेज देखकर अपने स्तर से उपद्रवियों की पहचान करेगी। - प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया, कुलपति एमडीयू।