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फैक्ट्री में 450 लोगों को थी जिंदा जलाने की कोशिश

Sat, 27 Feb 2016 02:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/रोहतक
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उपद्रव में एक ऐसी साजिश रची गई, जिसमें 450 लोगों की जान चली जाती। उपद्रवियों ने आईएमटी में एक फैक्ट्री में 450 लोगों को जिंदा जलाने की कोशिश की। ये सभी लोग किसी तरह बच गए, लेकिन 50 करोड़ रुपये की फैक्ट्री जलकर राख हो गई।                                                                                                                                                                     फैक्ट्री को उपद्रवियों ने इस तरह तबाह किया है कि दीवारों से ईंट भी गिरने लगी हैं। वहां एक भी मशीन नहीं बची है। अब फैक्ट्री की बिल्डिंग गिराने के बाद ही दोबारा मशीनें मंगवाई जाएंगी, जिससे उत्पादन शुरू किया जा सके। आईएमटी में स्थित हाईटेक प्लास्ट लिमिटेड में लगभग 450 लोग काम करते हैं, जिनमें कर्मचारी और अधिकारी दोनों शामिल हैं।                                                                                                                                                                         इस फैक्ट्री में पेंट कंटेनर बनते हैं जो एशियन पेंट में सप्लाई होते है। शहर में उपद्रव शुरू हुआ तो उसकी दहशत आईएमटी तक फैली। लेकिन किसी ने यह नहीं सोचा था कि उपद्रवी यहां तक पहुंच जाएंगे। उपद्रवी आईएमटी में पहुंचे और सबसे पहले फैक्ट्री के बाहर खड़ी कार को आग लगाई।                                                                                                                                    उसके बाद पेट्रोल की बोतल में आग लगाकर फैक्ट्री पर फेंक दी। उस समय भी 450 लोग वहां काम कर रहे थे और वे सभी फैक्ट्री के अंदर फंस गए। फैक्ट्री में अंदर आग में जलने की दहशत तो बाहर निकलने पर उपद्रवियों के हमला करने का डर। लेकिन कुछ देर बाद आग बढ़ने लगी और उपद्रवी भी वहां से चले गए। उनके जाते ही सभी लोग बाहर निकले और किसी तरह उनकी जान बची।                                                                                                                                                       फैक्ट्री के मैनेजर सी. के. गुप्ता बताते हैं कि उपद्रवियों के आग लगाने से 50 करोड़ रुपये की फैक्ट्री जलकर राख हो गई। आग के कारण दीवारों में लगी ईंट गिरने लगी हैं और लोहे के मोटे-मोट पिलर भी पिघल गए हैं। उस फैक्ट्री की ऐसी हालत है कि उसको पहले पूरी तरह से तोड़ना पड़ेगा और उसके बाद दोबारा बनाकर मशीनों को लगाया जाएगा। लेकिन उसमें कितना समय लगेगा, यह अभी नहीं कहा जा सकता। यह जरूर है कि उपद्रवियों ने उद्योग तबाह करने में भी कसर नहीं छोड़ी।                                                                                                                                                             सिएशन के अध्यक्ष जगमोहन मित्तल ने कहा कि सरकार भले ही आश्वासन दे रही हो, लेकिन उनको तभी संतुष्टि होगी जब उनको मुआवजा मिल जाएगा। 
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