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जिन गोवंश को गोशाला में छोड़ा, वह सड़कों पर घूमते मिले

Thu, 15 Sep 2016 02:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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पिंजरापोल गोशाला में हरा रंग लगाकर छोड़े गए गोवंश सड़कों पर घूमते मिले - फोटो : amar ujala
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शहर की सड़कों पर घूम रहे गोवंश को लेकर जमकर हंगामा हुआ तो नगर निगम ने उन्हें पकड़वाकर गोशाला में भिजवाना शुरू किया है। लेकिन जिन गोवंश को गोशाला में छोड़ा जा रहा है, वह एक या दो दिन बाद सड़कों पर घूमते मिल रहे हैं। एक गोशाला में छोड़े गए गोवंश बुधवार को सड़कों पर घूमते मिले तो इसका खुलासा हुआ है। इससे निजी गोशाला संचालकों की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, गोशाला संचालक गोवंश के गेट तोड़कर भाग जाने की बात कह रहे हैं।
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शहर की अधिकतर सड़कों पर लावारिस गोवंश दिखाई देते हैं। इस कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिसमें गोवंश से लेकर आम लोग तक घायल हो जाते हैं। इसे देखते हुए साधु-संतों ने गोरक्षा आंदोलन चलाया और तीन दिनों तक आमरण अनशन किया। इसके बाद नगर निगम ने गोवंश को पकड़वाकर गोशाला में भिजवाना शुरू किया। अब नगर निगम अधिकारियों के पास शिकायतें आने लगी हैं कि जिन गोवंश को सड़कों से पकड़कर गोशालाओं में छोड़ा जा रहा है, उनको रजिस्टर में एंट्री करके रात के समय सड़कों पर छोड़ दिया जा रहा है।
बता दें कि निजी गोशाला संचालकों को लावारिस गोवंश को अपने यहां रखने के लिए नगर निगम से 50 रुपये प्रतिदिन प्रति गोवंश मिल रहे हैं। गोशाला में रखे गये गोवंश की पहचान हो सके इसके लिए पकड़े जा रहे गोवंश की सींगों पर रंग किया जा रहा है। पिंजरापोल गोशाला में छोड़े जा रहे गोवंश के सींगों पर हरा रंग लगाया जा रहा है, जबकि वैश्य गोशाला में छोड़े जाने वाले गोवंश के सींग पर लाल रंग लगाया जा रहा है। शहर की सड़कों पर बुधवार को कई ऐसे गोवंश घूमते मिले, जिनके सींग पर हरा रंग लगा था। सींग पर रंग से साफ है कि नगर निगम ने उनको पकड़वाकर पिंजरापोल गोशाला में छोड़ा था।
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पिंजरापोल गोशाला में छोड़े गए गोवंश के सींग पर हरा रंग लगाया गया है। वह सड़कों पर घूम रहे हैं तो यह गलत है। मामले के बारे में जानकारी की जाएगी और कार्रवाई की जाएगी।
- अजय चोपड़ा, जेसी नगर निगम

गोशाला में पहले से ही 1400 गोवंश हैं। अब फिर 350 छोड़ दिए गए। गोवंश शाम होते ही लड़ना शुरू कर देते हैं। दो दिन पहले सांड़ गेट तोड़कर भाग गया था। उसे पकड़वाया गया तो फिर कई सांड़ लड़ाई करके गेट तोड़कर भाग गए। उन्हें पकड़वाने का प्रयास किया जा रहा है।
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- राजेश, मैनेजर पिंजरापोल गोशाला
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