पीजीआइ्डीएस में निरीक्षण करने पहुंचे कुलपति डॉ. ओपी कालरा।
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रोहतक। पीजीआईडीएस के प्रोस्थोडेंटिक्स विभाग को 37 नई डेंटल चेयर, तीन-तीन आधुनिक लैब व क्लीनिक मिलने से विभाग की काम करने की क्षमता कई गुणा बढ़ गई है। इससे यहां प्रतिमाह जबड़ा बनवाने व दांतों की कैप लगवाने के लिए आने वाले मरीजों को सुविधा मिलेगी। मरीजों को यह उपहार 2021 के शुभारंभ पर पीजीआईएमएस की ओर से दिया गया है। इसका लाभ जिले के अलावा प्रदेश भर से और दिल्ली, राजस्थान व उत्तर प्रदेश से आने वाले मरीजों को भी मिलेेगा।
प्रोस्थोडेंटिक्स विभाग के नवीनीकरण करने के साथ यहां पुरानी 20 चेयर को बदल कर 37 नई आधुनिक डेंटल चेयर स्थापित की गई हैं। इस विभाग में मुख्य रूप से दांतों के लिए जबड़ा डेंचर व दांतों की कैप क्राउन बनाया जाता है। इसके साथ ही यहां आधुनिक सुविधायुक्त तीन लैब और तीन अलग-अलग क्लीनिकल कमरे बनाए गए हैं। विभाग को मिली नई चेयर ढाई-ढाई लाख रुपये की हैं, जोकि यहां उपचार के लिए आने वाले मरीज को कोरपोरेट अस्पतालों की सुविधा उपलब्ध कराएंगी। गौरतलब है कि प्रोस्थोडेंटिक्स विभाग 52 नंबर कमरे में संचालित होता है।
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कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने किया निरीक्षण
शुक्रवार नव वर्ष पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ओपी कालरा पीजीआईडीएस का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने नव वर्ष 2021 की शुभकामनाएं देते हुए पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साईसेंज में भर्ती मरीजों से बातचीत की और डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी व उनकी टीम की मेहनत और लगन की प्रशंसा की। डॉ. कालरा ने कहा कि डेंटल के डॉक्टर कोरोना महामारी में मरीजों का उपचार करने के अलावा कोरोना के सैंपल ले रहे हैं और कोरोना के कंट्रोल रूम में सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
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डेंटल कॉलेज में प्रदेश के अलावा बाहर से भी मरीज उपचार करवाने आते हैं। हमारा प्रोस्थोडेंटिक्स विभाग अब अधिक मजबूत हो गया है। यहां डेंटल चेयर व सुविधा बढ़ने का लाभ मरीजों को मिलेगा।
- डॉ. संजय तिवारी, प्राचार्य, पीजीआईडीएस