207527 withdrawn from accounts of five, including constable, student
रोहतक। साइबर ठगों ने अलग-अलग पांच तरीकों से पीएचडी छात्रा, पुलिसकर्मी समेत पांच लोगों के खातों से लाखों रुपये निकाल लिए। पांचों ही मामलों में पीड़ितों ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर मामले की आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पहली घटना में पीजीआई थाना पुलिस को दी शिकायत में निशा कुमारी ने बताया कि वह नारनौल की रहने वाली है। वह रोहतक में पीएचडी कर रही है। उसने पीजा खाने के लिए एक नंबर पर फोन किया। जिसके बाद एक दूसरे नंबर से उसके पास कॉल आई। उसने कहा कि उसने एक ओटीपी भेजा है, जिसे वह बता दें, क्योंकि कोरोना काल में वे नकदी नहीं लेते है। ओटीपी बताते ही निशा के खाते से 39 हजार 997 रुपये धोखाधड़ी कर निकाल लिए हैं।
दूसरे मामले में सुखपुरा चौकी पुलिस को दी शिकायत में सुखपुरा निवासी नरेंद्र ने बताया कि वह बतौर मुख्य सिपाही रोहतक में तैनात है। 26 दिसंबर की रात को उसके मोबाइल पर एक फोन आया। उसने खुद को पुलिस कर्मचारी बताया। इसके बाद उसने कहा कि वह उसके खाते में 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर रहा है, सुबह ले लेगा। बातों में उलझा कर ठग ने नरेंद्र के खाते से 18499 रुपये निकाल लिए।
तीसरे मामले में शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस को दी शिकायत में अनिल यादव ने बताया कि वह एकता कॉलोनी का रहने वाला है। 29 दिसंबर को उसके पास एक फोन आया। उसने कहा कि वह बैंक से बात कर रहा है। आप गूगल पेय प्रयोग करते हैं, आपको आगे चलाने के लिए तीन बार स्कैल कोड आएगा। आप उसको डाल कर स्कैन करो, नहीं तो आपका अकाउंट बंद हो जाएगा। स्कैन करके कोड डाला, तो खाते से 65 हजार रुपये डेबिट हो गए। वहीं चौथा मामले की शिकायत सुखपुरा चौकी पुलिस को मदन कुमार ने देकर बताया कि वह लाढ़ौत रोड शास्त्री कॉलोनी का रहने वाला है। 31 दिसंबर को उसके व्हाट्सएप पर एक नंबर से क्यूआर कोड आया। जिसे उसने क्लिक करने पर उसके खाते से 20 हजार रुपये निकल गए।
पांचवें केस में शास्त्री नगर निवासी अनिल कुमार ने सिटी थाना पुलिस को बताया कि वह एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। 28 दिसंबर को उसके बैंक खाते से साइबर ठग ने 6 बार में 10-10 हजार रुपये और एक बार में 4031 रुपये की निकाल लिए हैं।