रोहतक। एमडीडी ऑफ इंडिया संस्था की ओर से चलाए जा रहे बाल मजदूरी और भिक्षावृति के खिलाफ अभियान के तहत 11 महीनों में 101 बच्चों को बालश्रम और भिक्षावृति से मुक्त करवाया है। इन बच्चों में से 47 बच्चे बाल मजदूरी करते मिले। जबकि 54 बच्चे भिक्षावृति करते हुए मिले। इन बच्चों को बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत किया गया और उनके माता-पिता की काउंसलिंग की गई।
संस्था के प्रभारी सुरेंद्र सिंह मान ने बताया कि बाल मजदूरी करने वाले अधिकांश बच्चे 10 से 17 साल के बीच के थे। इन बच्चों के माता-पिता गरीबी और बेरोजगारी के कारण अपने बच्चों को बाल मजदूरी करने के लिए मजबूर कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि भिक्षावृति करने वाले अधिकांश बच्चे लड़कियां थीं। इनकी उम्र 4 से 16 साल के बीच थी। इन बच्चों के माता-पिता भी गरीबी और बेरोजगारी के कारण बच्चों को भिक्षावृति करने के लिए मजबूर कर रहे थे। संस्था ने इन बच्चों को मुक्त करवाने के लिए मानव तस्करी विरोधी इकाई (एएचटीयू) के साथ मिलकर काम किया। संस्था का उद्देश्य बाल मजदूरी और भिक्षावृति के खिलाफ जागरूकता फैलाना और पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाना है।