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सांड़ ने मंदिर जा रहे पूर्व सरपंच को दो बार उठाकर पटका, मौत

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पूर्व सरपंच को टक्कर मारने के बाद भी गांव में घूमता सांड। - फोटो : Sonipat
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सोनीपत /राई । गांव सेवली में गली से गुजर रहे पूर्व सरपंच को सांड़ ने उठाकर पटक दिया, इसके बाद सांड़ आगे बढ़ा, फिर लौटकर आया और उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। सांड़ के हमले से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के लिए दिल्ली ले जाते समय उनकी मौत हो गई। परिजनों व ग्रामीणों ने उनकी मौत के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। लोगों का आरोप है कि सांड़ लगातार लोगों पर हमले कर रहा है और साथ लगते तीन गांव के कई लोगों को चोटिल करने के बावजूद सेवली में भी लावारिस घूम रहा है। इसके बावजूद सरकार व प्रशासनिक अधिकारी आंख बंद कर बैठे हैं। प्रशासन की लापरवाही से पूर्व सरपंच की जान चली गई। सांड़ सेवली के साथ ही पड़ोसी गांव असावरपुर व खेवड़ा में भी कई को घायल कर चुका है। उधर, एसडीएम विजय सिंह का कहना है कि गांवों से लावारिस गोवंश व अन्य पशुओं को पकड़ने की जिम्मेदारी पंचायत व पशुपालन विभाग की है और इन दोनों विभागों को लावारिस पशुओं को गोशाला में छोड़ने के निर्देश दिए हुए हैं। इस पूरे मामले को दिखवाया जाएगा और सख्त निर्देश जारी किए जाएंगे कि लावारिस पशुओं को पकड़कर गोशाला में छोड़ा जाए।
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गांव सेवली के दो बार के पूर्व सरपंच राजेंद्र सिंह (65) सोमवार सुबह घर से निकलकर गांव के मंदिर की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान जब वह एक स्कूल बस के पास से गुजर रहे थे तो इसी दौरान एक लावारिस सांड़ ने उन्हें पीछे से उठाकर पटक दिया, जिससे वह घायल हो गये। इस पर भी सांड़ नहीं रुका और थोड़ा आगे जाने के बाद घूमकर आया और फिर से उन्हें टक्कर मार दी, जिससे पूर्व सरपंच बुरी तरह से घायल हो गए। इस दौरान लोगों ने सांड़ को सरपंच पर हमला करते हुए देखा तो उन्होंने शोर मचा दिया। सांड़ वहां से भाग गया। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी घायल के परिजनों को दी। परिजन लेकर तुरंत शहर के बहालगढ़ रोड स्थित निजी अस्पताल में गए। वहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए दूसरे अस्पताल में के लिए रेफर कर दिया। वहां से परिजन उन्हें मुरथल रोड स्थित निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। वहां से भी उन्हें रेफर कर दिया, जिस पर परिजन उन्हें लेकर दिल्ली के लिए चल दिए। दिल्ली ले जाते हुए रास्त में घायल ने दम तोड़ दिया, जिस पर परिजन शव को वापस ले आए। गांव में दोपहर बाद गमगीन माहौल में पूर्व सरपंच के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
आवारा पशुओं को पकड़ने की जिम्मेदारी पंचायत व पशुपालन विभाग की
गांवों से लावारिस गोवंश व अन्य पशुओं को पकड़ने की जिम्मेदारी पंचायत व पशुपालन विभाग की होती है और इन दोनों विभागों को लावारिस पशुओं को गोशाला में छोड़ने के निर्देश दिए हुए हैं। इसके बावजूद लावारिस गोवंश खुले घूम रहे है और यह हादसा हुआ है तो इस पूरे मामले को दिखवाया जाएगा। इसके साथ ही सख्त निर्देश जारी किए जाएंगे कि लावारिस पशुओं को पकड़कर गोशाला में छोड़ा जाए।
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- विजय सिंह, एसडीएम सोनीपत
प्रशासन की लापरवाही से गई मेरे भाई की जान
प्रशासन की लापरवाही में मेरे भाई की जान चली गई। सरकार गोवंश के नाम पर महज राजनीति कर रही है। नंदीशाला खोलकर गोवंश को पकड़ने के दावे किए गए, लेकिन अभी भी गोवंश लावारिस घूम रहे और लोगों की जिंदगी लील रहे हैं। नंदीशाला में कोई सुविधा नहीं है। किसान भी लावारिस पशुओं से परेशान हैं। गांवों के साथ ही शहरों में भी लावारिस गोवंश घूम रहा है।
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महेंद्र, पूर्व सरपंच व मृतक का भाई

पूर्व सरपंच राजेंद्र सिंह।- फोटो : Sonipat

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