रोहतक। देशभर में बीएसएनएल से सेवानिवृत्त पेंशनर्स की लंबित मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह आंदोलन संघर्ष का दूसरा चरण है। धरने के माध्यम से पेंशनर्स ने केंद्र सरकार एवं डीपीई (डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंट्रप्राइजेज) का ध्यान अपनी जायज मांगों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया है।
पेंशनर्स का कहना है कि डीपीई ने 27 फरवरी 2026 को जनवरी 2026 से देय 3.5 प्रतिशत आईडीए वृद्धि का आदेश जारी किया था। इस आदेश में डीपीई ने एक विवादित पैरा भी जोड़ दिया। इसका बीएसएनएल-एमटीएनएल पेंशनर्स एसोसिएशन ने विरोध किया। एसोसिएशन ने इसे पेंशनर्स के हितों के विरुद्ध बताते हुए चरणबद्ध संघर्ष कार्यक्रम की घोषणा की।
विज्ञापन
हरियाणा टेलीकॉम सर्कल सचिव जेएस मलिक ने कहा कि संघर्ष के प्रथम चरण के तहत 16 अप्रैल 2026 को देशभर में प्रदर्शन आयोजित किए गए। डीपीई से विवादित पैरा वापस लेने की मांग की गई। डीपीई ने अप्रैल 2026 से देय आईडीए वृद्धि का आदेश जारी करते समय उक्त विवादित पैरा वापस ले लिया। अप्रैल 2026 से 5.1 प्रतिशत आईडीए का भुगतान सुनिश्चित हो सका।
बुधवार को देशव्यापी धरनों के माध्यम से पेंशनर्स ने जनवरी 2026 से मार्च 2026 तक के तीन माह के बकाया एरियर का तत्काल भुगतान करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही एरियर का भुगतान नहीं किया गया तो संघर्ष तेज किया जाएगा। आगामी चरणों के आंदोलन की घोषणा की जाएगी।