रोहतक। जेनेटिक्स पाठ्यक्रम आने वाले समय में रोजगार, शोध और नवाचार की दिशा तय करेगा। ऐसे समय में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के जेनेटिक्स विभाग की ओर से संचालित चार वर्षीय बीएससी जेनेटिक्स पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के लिए उज्जवल भविष्य का द्वार खोलेगा। पाठ्यक्रम में 30 सीटें हैं। प्रवेश के लिए इच्छुक विद्यार्थी 26 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
जेनेटिक्स विभाग के अध्यक्ष प्रो. संतोष तिवारी ने बताया कि बीएससी जेनेटिक्स से विद्यार्थी रिसर्च एंड एकेडेमिया, बायोटेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, क्लिनिकल जेनेटिक्स, फॉरेंसिक साइंस, डाटा साइंस, बायोइन्फॉर्मेटिक्स, फार्मा एवं ड्रग डेवलपमेंट, पर्यावरण संरक्षण तथा एग्रीकल्चर एवं प्लांट बायोटेक्नोलॉजी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में शानदार कॅरिअर बना सकते हैं।
विद्यार्थी वैज्ञानिक, रिसर्च एसोसिएट, लैब विशेषज्ञ, जेनेटिक काउंसलर, डीएनए एनालिस्ट, क्लिनिकल रिसर्च कोऑर्डिनेटर, बायोइनफॉर्मेटिक्स विश्लेषक और फार्मा विशेषज्ञ जैसे प्रतिष्ठित पदों पर कार्य कर सकते हैं।
डीन, फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंसेज प्रो. मीनाक्षी वशिष्ठ ने बताया कि आज स्वास्थ्य सेवाओं में आनुवंशिक रोगों की पहचान, अपराध जांच में डीएनए तकनीक, कृषि उत्पादन में सुधार, नई दवाओं के विकास तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में जेनेटिक्स की भूमिका महत्वपूर्ण हो चुकी है।