जिले के करीब 427 सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की हाजिरी लगवाने और जरूरी सूचनाओं के तत्काल आदान-प्रदान के लिए शिक्षा विभाग ने ब्राडबैंड लगवाना अनिवार्य कर दिया है।
इसके लिए विभाग के आला अधिकारियों ने सभी प्राचार्यों को आदेश दिए कि वह जल्द ही ब्राडबैंड लगवाना सुनिश्चित करें, ताकि समय पर डाक के जवाब उन्हें मिल सकें। विभाग ने ब्राडबैंड के लिए स्कूल बजट से 1200 रुपये भी खर्च करने की अनुमति दी है।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक शहर के अधिकतर सरकारी स्कूलों में तो कंप्यूटर हैं और उनमें ब्राडबैंड की सुविधा भी है। पर, ग्रामीण इलाकों के कई प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में कंप्यूटर नहीं है। अगर किसी स्कूल में कंप्यूटर है तो वहां पर नेटवर्क संबंधित परेशानी काफी रहती है। इसी के साथ बिजली की समस्या तो है ही।
अपने ब्लॉक के सभी सीनियर सेकेंडरी, हाई और मिडिल स्कूलाें के मुखियाओं को ब्राडबैंड लगवाने के आदेश दे दिए हैं। शिक्षा विभाग अपने सरकारी स्कूलों को अपडेट करने में पूरा जोर लगा रहा है। इससे समय पर सूचनाओं के जवाब मिल सकेंगे।
- वीरेंद्र मलिक, बीईओ, रोहतक ब्लॉक।