रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की ओर से आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला बुधवार को संपन्न हो गई। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में सॉफ्ट कम्युनिकेशन स्किल्स को विकसित करना था। इसमें व्यक्तित्व विकास, बायोडाटा लेखन और समय प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। महिंद्रा प्राइड एवं नंदी फाउंडेशन के प्रशिक्षक डॉ. संदीप सुनेजा ने इस कार्यशाला का संचालन किया। समापन समारोह में डीन, रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रो. अरुण नंदा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मकता की शक्ति से जीवन में किसी भी बाधा को पार करने के लिए प्रेरित किया। सीसीपीसी निदेशक प्रो. दिव्या मल्हान ने कार्यक्रम में अध्यक्षता की व विद्यार्थियों को अपने सपनों का पीछा करने के लिए प्रोत्साहित किया। माइक्रोबायोलॉजी विभाग की अध्यक्षा डॉ. पूजा सुनेजा ने स्वागत भाषण देते हुए कॅरिअर निर्माण में सॉफ्ट कम्युनिकेशन स्किल्स की भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ. केके शर्मा, एसोसिएट डीन, आर एंड डी ने कॅरिअर निर्माण के अवसरों के बारे में बात की।
कार्यशाला में विभाग के एमएससी तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यशाला का समन्वयन कॅरिअर काउंसलिंग व प्लेसमेंट सेल (सीसीपीसी) की विभागीय समन्वयक डॉ. अनीता संथाल ने किया। समापन सत्र के दौरान डॉ. पूजा गुलाटी व डॉ. संजय कुमार, शोधार्थी और विद्यार्थी मौजूद रहे।