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फिजियोथेरेपिस्ट हत्याकांड : चार दिन पुराना लग रहा शव, डीएनए जांच कराएगी पुलिस

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मनोज कुमार
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रोहतक। बाबा मस्तनाथ यूनिवर्सिटी के फिजियोथेरेपिस्ट जगदीप हत्याकांड में पुलिस ने चरखी दादरी के पैंतावास गांव से जो शव बरामद किया है वह चार से पांच दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। हैरत की बात है तीन माह मिट्टी में दबे होने के बावजूद शव क्षत-विक्षत नहीं हुआ है। शव की शिनाख्त के लिए पुलिस डीएनए जांच कराएगी। शव के सैंपल जगदीप की बेटी से मिलान कराए जाएंगे।
24 दिसंबर को अगवा कर जिंदा दफन किए गए फिजियोथेरेपिस्ट जगदीप का शव 3 माह बाद भी काफी हद तक सुरक्षित मिला है। शव के केवल कपड़े खराब हुए हैं। इसके अलावा शरीर के जिन हिस्सों पर मिट्टी लगी थी उन पर असर पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि गड्ढे में चिकनी मिट्टी थी और गर्मी भी कम थी। इस वजह से शव तीन माह बाद भी काफी हद तक सुरक्षित मिला है। शव को देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि दो-चार दिन पहले ही दबाया गया होगा।
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पुलिस ने 12 घंटे तक की शव स्थल की निगरानी
हरदीप और धर्मपाल की गिरफ्तारी के बाद पैंतावास गांव में उस स्थान का पता चल गया जहां शव दबाया गया था। पुलिस ने शव स्थल पर कुछ निशान बना दिए थे। हालांकि पुलिस को डर था कि भागे हत्यारोपी शव को ठिकाने लगा सकते हैं, इसलिए पुलिस ने रात में ही दादरी और रोहतक से 10-10 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाकर शव स्थल की निगरानी कराई। इधर, मंगलवार को पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों को साथ ले जाकर हत्या का सीन रिक्रिएट कराया।
लैब भेजे जाएंगे जगदीप, राजकरण और उसकी पत्नी के मोबाइल
पुलिस ने बताया कि राजकरण, उसकी पत्नी और फिजियोथेरेपिस्ट जगदीप के मोबाइल फोन जांच के लिए एफएसएल भेजे जाएंगे। हत्यारोपी राजकरण ने जगदीप का मोबाइल छीन लिया था। वहीं, उसकी पत्नी का मोबाइल भी उसी के पास बताया जा रहा है। पुलिस राजकरण, उसकी पत्नी समेत सभी आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालेगी। इसके लिए सीडीआर मंगाई है।
3 साल से राजकरण की ससुराल में रह रहा था जगदीप
जगदीप की मौसी और राजकरण की सास कमला शिक्षक थीं। सेवानिवृत्त होने के बाद वह एक गंभीर बीमारी से पीड़ित हो गईं। मौसी के माध्यम से ही जगदीप जनता कॉलोनी में राजकरण के ससुराल में आकर किराए पर रहने लगा था। वह कमला की फिजियोथेरेपी और सिकाई करता था। राजकरण की पत्नी अक्सर मायके आया करती थी, इसी दौरान उसकी जगदीप से दोस्ती हो गई।
वारदात से 15 दिन पहले दोस्ती का चला था पता
राजकरण को वारदात से 15 दिन पहले ही पत्नी और जगदीप की दोस्ती की जानकारी हुई थी। हालांकि उसे पत्नी पर काफी दिन पहले से संदेह था। इसीलिए उसने पत्नी को मायके भेजना भी बंद कर दिया था।
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धर्मपाल और हरदीप ने दोस्ती और रुपये के लालच में दिया साथ
आरोपी धर्मपाल और हरदीप ने दोस्ती और रुपयों के लालच में हत्या में साथ देने की बात कही है। पुलिस सूत्रों ने बताया आरोपियों को उम्मीद नहीं थी कि इस वारदात का कभी खुलासा हो पाएगा। आरोपी धर्मपाल ने पुलिस को बताया कि राजकरण से उसकी काफी अच्छी दोस्ती थी। उसने नल लगाने के लिए गड्ढे की खोदाई के लिए उसे और दूसरे साथी को एक-एक हजार रुपये दिए थे। शाम को उसे दोबारा बुलाया था, लेकिन उसे यह पता नहीं था कि माजरा क्या है। जब वह मौके पर पहुंचा तो जगदीप निढाल जमीन पर पड़ा था। राजकरण ने दोस्ती की दुहाई दी तो उन्होंने शव दबाने में मदद की।
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