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गांधी कैंप के लोगों के साथ भाजपा सरकार ने किया अन्याय : बतरा

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पत्रकारों सें बातचीत करते विधायक भारत भूषण बतरा। संवाद
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रोहतक। विधायक भारत भूषण बतरा ने कहा कि रेलवे एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के विस्थापितों का अभी तक पुनर्वास नहीं हुआ है। भाजपा सरकार के इस प्रोजेक्ट ने गांधी कैंप को ही बर्बाद कर दिया। 1956 से बसी आबादी को उजाड़ दिया है। जिन 37 दुकानों को तोड़ा, उनके मालिकों को राहत नहीं दी। 37 दुकानों के बाद कहा जा रहा है कि अभी रेलवे की दस और दुकानें हैं , इनको तुड़वाया जाना है। 15 फीट की सड़क बनाने के लिए 158 भू-स्वामियों की 7110 गज स्क्वेयर यार्ड जमीन ली जाएगी। इनमें 85 रिहायशी हैं और 73 व्यावसायिक हैं।
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मंगलवार काे कैनाल रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के वह सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ताधारी नेताओं ने वादा किया था कि एक दुकान के बदले दो दुकान मिलेंगी। लेकिन अब मना किया जा रहा है। 15 फीट रास्ते की प्रोसेस बहुत लंबी है। सरकार अधिग्रहण करने के मूड में नहीं है और जिन लोगों की जमीन खाली करवानी है, उस सर्वे में धांधली की गई। लोगों के साथ अन्याय किया गया है, सरकार मुआवजा देने के मूड में नहीं है।
विधायक ने कहा कि जब नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कैंप का दौरा किया तो सरकार के हाथ पांव फूल गए। क्योंकि सरकार जिन को अवैध कहती है, उनकी सबकी रजिस्ट्री उनके पास हैं। इसके बावजूद मुआवजा देने से मना कर दिया गया। पूर्व सीएम के दौरे के बाद अब चर्चा है कि सरकार इस पर पुनर्विचार कर रही है। यहां 30 फीट की पुरानी बाजार की सड़क के लिए वादा करते-करते पांच साल बीत गए। सरकार कहती है जो 15 फीट सड़क में रिहायशी 33 भूस्वामी है उनका रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जा है, उनको भी हटाया जाना बाकी है। विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि गांधी कैंप को सरकार अकेला समझने की कोशिश ना करे, वह पूरी ताकत के साथ एक-एक पीड़ित के साथ खडे हैं। जहां तक भी लड़ाई लड़नी पड़ेंगी, वह लड़ेंगे।
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पूर्व मंत्री पर साधा निशाना, बोले-भाजपा पार्षदों के क्षेत्र में कराए काम
विधायक ने कहा कि उन्होंने पांच करोड़ रुपये की ग्रांट पर काम किया, इसमें ज्यादातर काम हो चुके हैं और बहुत कम काम प्रोसेस में हैं। हमेशा पार्टीबाजी से उठकर काम किया। भाजपा पार्षद कंचन खुराना व राधेश्याम ढल के वार्ड में भी ग्रांट से काम कराया। जबकि मनीष ग्रोवर जब मंत्री बने तो 2019-2020 में वैनगी स्कीम शहर एवं ग्राम विकास के लिए योजना के दो करोड़ रुपये में से एक भी काम की संस्तुति नहीं की। बतौर विधायक उन्होंने इस बजट का प्रयोग ही नहीं किया। अक्तूबर 2019 के बाद उन्होंने वही ग्रांट वैनगी स्कीम के तहत इस्तेमाल की। अब 2022 -2023 के लिए दो करोड़ मंजूर हो चुके हैं। इसकी मंजूरी आएगी तो 2023 -2024 के लिए भी संस्तुति कर दी जाएगी। मेयर मनमोहन गोयल भी स्वीकार कर चुके हैं कि एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 तक सरकार की तरफ से तीन करोड़ रुपये नगर निगम को मिले, इससे गड्ढे भरे गए। अब सुनने में आ रहा है कि शहर की मुख्य ड़कों को बनाने के लिए टेंडर लगाए गए हैं। पिछले वर्ष जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा जब गोहाना रोड की सड़कों पर जलभराव वाले क्षेत्र में नंगे पैर घूमे तो मजबूरी में मुख्यमंत्री को वहां के लिए पैसे देने पड़े। गंदे पानी, सीवरेज, बरसाती नालों की समस्या को विधानसभा में उठाया, तब जल शक्ति मिशन के अंदर 10 करोड़ रुपये सरकार से रोहतक के लिए मंजूर करवाए।
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