जाट आरक्षण पर आंदोलन की शुरुआत में ही जाट नेताओं को बिखरता देख केंद्रीय
मंत्री बीरेंद्र सिंह ने एक बार फिर आरक्षण की पैरवी में बयान दिया है।
मंत्री डूमरखां ने कहा कि जाटों को आरक्षण जरूर मिलेगा। इसे लेकर उनकी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अमित शाह से भी बात हुई
है। जरूरत है तो बस जाट एकजुट रहें। मंत्री बृहस्पतिवार शाम को जाट संस्था
में सर छोटूराम जन्मोत्सव समारोह में कही।
पत्रकारों से मंत्री ने कहा
कि आरक्षण पर उनका रुख पहले जैसा ही है। वे पीछे हटने वाले नहीं है। लेकिन
मंच पर पहुंचकर बीरेन्द्र सिंह ने जाट आरक्षण पर खुलकर बोलना शुरू कर दिया।
उन्होंने कहा कि वे जाट आरक्षण को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित
शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिले थे। इसका सकारात्मक परिणाम जल्द
ही आएगा, लेकिन इसके लिए शांति रखनी होगी। जिस तरह जाट अभी तक एकजुट रहे
हैं, उसी तरह आगे भी साथ रहना होगा। बिखराव हुआ तो आरक्षण में परेशानी
होगी। आरक्षण जाटों की जरूरत है।
मनरेगा का ढाई हजार करोड़ बजट बढ़ाया
केंद्रीय
ग्रामीण विकास मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि विपक्षी पार्टियों के
नेताओं को कोई मुद्दा नहीं मिलता है तो वे किसी भी मामले में बयानबाजी शुरू
कर देते हैं। मनरेगा के बजट को लेकर बिना कारण बयानबाजी हो रही है। जबकि
प्रदेश जितना भी बजट मांगता है, उतना ही बजट केंद्र से दिया जाता है।
मनरेगा का ढाई हजार करोड़ रुपये का बजट बढ़ा दिया गया है। उन्होंने आंध्र
प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां मनरेगा के तहत अच्छा काम हो रहा है
और वहां सबसे ज्यादा बजट दिया जा रहा है।
हेडली के खुलासों से नहीं पड़ता फर्क
केन्द्रीय
मंत्री के अनुसार हेडली ने कई बड़े खुलासे किए हैं, लेकिन उससे कोई फर्क
नहीं पड़ता है। कहा कि मैं हमेशा से बातचीत के सहारे मुद्दों को सुलझाने के
पक्ष में रहता हूं और आतंकवाद अब सभी देशों के लिए बड़ी समस्या बन चुका
है। पाकिस्तान भी खुद इस आग से झुलस रहा है। इस कारण पाकिस्तान से बातचीत
करके आतंकवाद के मुद्दे को सुलझाया जाए।