रोहतक जिले के कारोर गांव में दिवाली के दिन चार बाइक सवार युवकों ने युवक मोहित की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस का कहना है कि मोहित पांच साल पहले हुई आनंदपाल हत्याकांड में आरोपी था और जमानत पर बाहर आया हुआ था। उसके खिलाफ झज्जर के सदर थाने में भी छह साल पहले आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज हुआ था। गांव में सन् 2000 में भी दिवाली के दिन दो महिलाओं की गोली मारकर हत्या की गई थी। इसके बाद से खूनी रंजिश चल रही है।
आईएमटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुशील कुमार ने बताया कि रविवार दोपहर करीब ढाई बजे सूचना मिली कि कारोर गांव में फायरिंग हुई है। वे पुलिस की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच में पता चला कि गांव के युवक मोहित की उस समय हत्या की गई, जब वह गली से गुजर रहा था। बाइक सवार चार युवकों ने अंधाधुंध गोलियां मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। मृतक ने नीले रंग का ट्रैक शूट पहन रखा था। साथ ही पैरों में चप्पल या जूते नहीं थे। मकान के साथ गली में शव पड़ा हुआ था। तत्काल शव को कब्जे में लेकर पीजीआई के डेड हाउस रखवाया गया।
छिप्पी गैंग ने की थी आनंदपाल की हत्या
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पुरानी रंजिश के चलते 2018 में करोर निवासी आनंदपाल की गोली मारकर हत्या की गई थी। आनंद की पत्नी के बयान पर सांपला थाने में 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिसमें अनिल छिप्पी, संदीप उर्फ काला जठेड़ी, सोमबीर, संपत नेहरा, अक्षय पलड़ा, पवन नाहरा, प्रदीप उर्फ पोपी, राजु बसोदी, जयप्रकाश, जय भगवान, बलजीत, विकाश उर्फ भान्दु, अंकित व मोहित, प्रदीप, कुकी, संदीप, विकाश उर्फ बग्गा, राजकुमार उर्फ आरके, रोहित उर्फ रोकी का नाम शामिल था। साथ ही जांच में पुलिस के सामने मोहित का नाम भी सामने आया था। इसके अलावा पुलिस रिकार्ड के मुताबिक झज्जर पुलिस ने 2017 में मोहित को गुढ़ा गांव के पास देसी पिस्तौल सहित गिरफ्तार किया था। इस संबंध में झज्जर के सदर थाने में केस दर्ज है।
सन 2000 में दिवाली के दिन भी बहा था गांव में खून
कारोर में सन् 2000 से खूनी रंजिश चल रही है। जब घर के अंदर बैठी महिला रानी व रोशनी की गोलियां मारकर हत्या की गई थी। अब तक 18 लोगों की हत्या रंजिश के चलते हो चुकी है। रंजिश को खत्म कराने के लिए बीस से अधिक गांव में पंचायत हुई। बावजूद इसके पंचायत में सुलह नहीं हो सकी। यही नहीं एक तो पंचायत में शामिल लोगों के साथ ही मारपीट कर दी गई। रंजिश के चलते अब तक गांव के 15 से अधिक परिवारों के लोग पलायन कर बाहर जा बसे हैं।
खिलाड़ियों, पुलिस व फौजियों के लिए जाने जाने वाले कारौर को किसकी लग गई नजर
कारौर की यदि बात की जाए तो यह गांव खिलाड़ियों से लेकर पुलिस, फौजियों व सेवानिवृृत्त ग्रामीणों के लिए भी जाना जाता है। यहां पर खेल प्रतियोगिताओं के साथ साथ समय समय पर धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि पता नहीं गांव को किसकी नजर लग गई है। चली आ रही रंजिश समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है।
करीब ढाई हजार है गांव की आबादी
रोहतक से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कारौर गांव की आबादी करीब ढाई हजार है। गांव जाट बाहुल्य है। वर्तमान में गांव में चली आ रही रंजिश के लिए जाना जाता है। मगर पूर्व में गांव शांतिप्रिय गांव की श्रेणी में आता था। खास बात यह है कि गांव में 800 से अधिक युवा दिल्ली, हरियाणा व यूपी पुलिस जबकि कई नवदीप, संदीप, राजेश आदि एयरफोर्स में शामिल होकर देश की सेवा कर रहे है। गांव के 100 से अधिक ग्रामीण शिक्षक से लेकर अन्य पदों से रिटायर्ड है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव को वर्ष 2000 से पहले शांतिप्रिय गांव की श्रेणी में डाला गया था। यहां पर मारपीट हो जाती थी तो उसे ग्रामीण मिलकर ही निपटा लेते थे।
आईएमटी प्रभारी थाना सुशील कुमार ने बताया कि पुलिस रिकार्ड से जांच में पता चला है कि मोहित का नाम 2018 में आनंदपाल हत्यकांड में आया था, जिस केस में वह जमानत पर आया हुआ था। साथ ही झज्जर के सदर थाने में उसके खिलाफ 2017 में आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज था। फिलहाल हत्या का मामला दर्ज कर जांच कर रहे हैं। शव को पीजीआई के डेड हाउस में रखवाया है। सोमवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।