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Rohtak News: कोहरे में संभलकर चलें....सड़कों पर लावारिस पशुओं का डेरा

Thu, 04 Dec 2025 12:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
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19...रोहतक में सड़क पर गुजर रही कार और घूमता लावारिस पशु। संवाद - फोटो : मॉडल प्राथमिक विद्यालय पचेहरी में एसआईआर फार्म संकलित करते बीएलओ।
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रोहतक। शहर से गुजरने वाले रोहतक-सोनीपत राजमार्ग पर लावारिस पशु कोहरे में हादसे का कारण बन सकते हैं। रोहतक से भालौठ तक करीब 15 किलोमीटर की दूरी में बोहर नहर, बोहर पुल और भालौठ गांव में सड़क पर 10 से ज्यादा लावारिस पशु बैठे नजर आए। वहीं, रोहतक-भिवानी राजमार्ग पर कलानौर में लावारिस पशुओं का झुंड बैठा दिखाई दिया।
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स्टेट हाईवे गांव के बीच से निकल रहा है, इस कारण इन पर लावारिश पशु ज्यादा देखने को मिलते हैं। अधिकारियों का दावा है कि सड़कों पर घूमते लावारिस पशुओं को नगर निगम की टीम पकड़कर निगम की गोशाला में छोड़ती है। पिछले तीन माह में 1600 गोवंश गोशाला में पहुंचाए गए हैं। हाईवे पर हादसों को कम करने के लिए गोवंशों को पकड़ा जा रहा है।
बुधवार को रोहतक-सोनीपत रोड पर भालौठ गांव तक तीन जगह लावारिस पशु बैठे मिले। इनमें बोहर नहर से आगे, बोहर फ्लाईओवर पार करके व भालौठ स्टैंड के पास लावारिस पशु सड़क पर बैठे मिले। इनकी ओर किसी का ध्यान नहीं गया। रोहतक-भिवानी रोड पर कलानौर में अलग-अलग चार जगह 10 से ज्यादा लावारिश पशु खड़े नजर आए।
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वहीं, पानीपत राजमार्ग पर जसिया गांव तक दिन में टीम को कोई लावारिस पशु नजर नहीं आया। इसी प्रकार दिल्ली-हिसार राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी व्यवस्था दुरुस्त मिली। दिल्ली रोड पर सांपला तक व हिसार रोड पर महम तक टीम ने जायजा लिया।

नगर निगम ने तीन माह में पकड़े 1600 गोवंश
सड़कों पर हादसे का पर्याय बने लावारिस पशुओं को नगर निगम की टीम पकड़ती है। इसी कड़ी में पिछले तीन माह में 1600 लावारिस पशु पकड़े जा चुके हैं। इन्हें नगर निगम की गोशाला में पहुंचाया जा रहा है। यहां इनके रहने-खाने की व्यवस्था है।

सड़क हादसों में 11 माह में 137 ने गंवाई जान
सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का उल्लंघन व अन्य कारण जानलेवा साबित हो रहे हैं। जिले में औसतन 150 लोग हर वर्ष जान गंवा देते हैं। बड़ी संख्या में लोग घायल होते हैं। लावारिस पशुओं के कारण कई लोग गंभीर रूप से घायल तक हो जाते हैं। जिले में इस वर्ष जनवरी से नवंबर तक 137 लोगों की जान जा चुकी है।

सड़क हादसे की एक बड़ी वजह लावारिस पशु
सड़क हादसों की एक बड़ी वजह लावारिस पशु भी हैं। जिले में करीब 20 हजार से अधिक लावारिस पशु हैं। पिछले पांच साल में यह संख्या तेजी से बढ़ी है। इनके आश्रय व चारा मुहैया कराने के लिए निगम की गोशाला ही है। गोवंकों को सड़कों से हटाकर हादसों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके अलावा, रात को नीलगाय के सड़क पर आने से हादसे की आशंका रहती है।

वर्जन
सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए विभाग पूरी तरह अलर्ट है। इसी कड़ी में हाईवे पर सफेद पट्टी, रिफ्लेक्टर व कैटआई लगाई गई हैं। लावारिस पशु बड़ी समस्या हैं। इन्हें सड़क हटाने का काम नगर निगम का है। इस संबंध में निगम प्रशासन को पत्र जारी किया गया है।
= रवि खुंडिया, डीएसपी

वर्जन
सड़क पर लावारिस पशु हटाने का काम नगर निगम का है। निगम को इस ओर जरूरी कदम उठाने चाहिए।
- जगभूषण, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई

19...रोहतक में सड़क पर गुजर रही कार और घूमता लावारिस पशु। संवाद- फोटो : मॉडल प्राथमिक विद्यालय पचेहरी में एसआईआर फार्म संकलित करते बीएलओ।

19...रोहतक में सड़क पर गुजर रही कार और घूमता लावारिस पशु। संवाद- फोटो : मॉडल प्राथमिक विद्यालय पचेहरी में एसआईआर फार्म संकलित करते बीएलओ।

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