रोहतक। यदि आप किसी कार्य के लिए इंटरनेट से कस्टमर केयर का नंबर तलाशने की सोच रहे हैं तो जरा सावधान हो जाएं। ऐसा न हो कि इंटरनेट से लिए गए नंबर से आपके साथ धोखाधड़ी हो जाए। चूंकि पिछले दो माह में 10 अधिक लोगों के साथ इस तरह की जालसाजी हो चुकी है। इसमें साइबर ठग नौकरी से लेकर, घरेलू सहायिका और प्लेसमेंट एजेंसी से लेकर प्लंबर तक सभी नंबर मुहैया कराने के नाम पर ठगी कर रहे हैं। किसी भी इंटरनेट साइट से कस्टमर केयर या अन्य नंबर लेने से पहले कई बार सोचें और नंबर ले भी लिया हो तो उस पर विश्वास न करें। साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इसमें बिना सामने आए अपराधी लोगों की जेब पर डाका डाल रहे हैं। अब इंटरनेट से नंबर लेने के दौरान साइबर ठग लोगों से धोखाधड़ी कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने भी इंटरनेट से नंबर लेने में सर्तकता बरतने की सलाह दी है।
केस -1 : मोबाइल हैक कर 99,929 की ठगी
04 मार्च को रोहतक के घनीपुरा निवासी योगेश शर्मा ने इंटरनेट से एक कंपनी को कस्टमर केयर नंबर लिया था। आरोपी ने काम कराने के बहाने से एक एप डाउनलोड कराया और खाते से दो बार में 99,929 रुपये ट्रासंफर कर लिए।
केस-2 : धोखेबाजों ने की 1.89 लाख की ठगी
23 फरवरी को रोहतक के इंद्रा कॉलोनी निवासी सोनू ने कूरियर कंपनी की जानकारी लेने के लिए इंटरनेट से कस्टमर केयर नंबर लिया था। साइबर ठगों ने नंबर के साथ एक एप डाउनलोड कराया और आरोपियों ने 1.89 लाख रुपये की रकम खाते से ट्रांसफर कर ली।
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साइबर ठगों ने 89,422 रुपये निकाले
4 जनवरी को रोहतक के पाड़ा मोहल्ला निवासी दीपक नागपाल ने कूड़ा उठवाने के लिए नगर निगम का नंबर इंटरनेट से लिया था। साइबर ठगों ने मोबाइल हैक करके पीड़ित के खाते से दो बार में 89,422 रुपये निकल गए। आरोपियों ने पीड़ित की मोबाइल स्क्रीन शेयर करके यह धोखाधड़ी की थी।
इंटरनेट से यदि किसी का नंबर तलाशा जा रहा है तो सावधान होकर ही उसे प्रयोग करें। चूंकि फर्जी नंबर वेबसाइट से नंबर तलाशते हैं तो वह फर्जी नंबर पहले आ जाते हैं। इसी का लाभ उठाकर ठग आपराधिक घटना को अंजाम दे जाते हैं।
रवि खुंडिया, डीएसपी मुख्यालय।