अब बीडीएस के विद्यार्थी इंटर्नशिप सहित अपना कोर्स नौ वर्ष में पूरा कर
सकेंगे। हेल्थ यूनिवर्सिटी के कुलपति ने अपने विशेषाधिकार का प्रयोग कर
संस्थान में डीसीआई के नियम को लागू कर दिया। शुक्रवार देर सायं इस नियम को
विवि की वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया।
नए नियम का लाभ यूनिवर्सिटी के
अंतर्गत आने वाले सरकारी और गैर सरकारी डेंटल कॉलेजों के करीब 750
विद्यार्थियों को मिलेगा।
यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साईंस रोहतक
(यूएचएसआर) के कुलपति डॉ. ओपी कालरा के नए निर्देशानुसार विवि के अंतर्गत
आने वाले सरकारी और गैर सरकारी डेंटल कॉलेजों में बीडीएस के विद्यार्थियों
के लिए नया नियम लागू हो गया है। पहले बीडीएस में प्रवेश के बाद साढ़े चार
साल में कोर्स पास करना होता था।
बीच में डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीआई)
के नए नियम के तहत इस कोर्स की अवधि नौ वर्ष निर्धारित कर दी गई थी, लेकिन
हेल्थ विवि रोहतक में इसे लागू नहीं किया गया।
इससे बीडीएस की परीक्षाओं
में फेल होने वाले विद्यार्थी आवेदन नहीं कर सकते थे, जबकि अन्य विवि के
विद्यार्थी आवेदन कर सकते थे। इन अभ्यार्थियों की समस्या को अमर उजाला ने
11 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से उठाया। इस पर विवि ने कार्रवाई करते हुए
डीसीआई के नियम को लागू कर दिया।
बोले परीक्षा नियंत्रक
विवि
में कोई भी नियम पहले एकेडमिक काउंसिल में अप्रूव होता है, फिर लागू होता
है। इसलिए यह नियम अभी तक लागू नहीं हो पाया था। शुक्रवार को कुलपति का
पत्र आया इसमें उन्होंने इन इंटीफिकेशन नियम के तहत डीसीआई के नियम लागू
करने का निर्देश जारी किया।
इसकी पालना करते हुए डीसीआई के नियम लागू कर
दिए गए हैं। बीडीएस साढे़ चार साल की थी, अब नए नियम के तहत पूरा कोर्स
इंटर्नशिप सहित नौ वर्ष में पूरा करना होगा।
- डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक, यूएचएसआर।
बोले प्राचार्य
डीसीआई
के नियम बीडीएस पर लागू हुए हैं या नहीं इसकी जानकारी अभी नहीं है। यह
परीक्षा नियंत्रक कार्यालय से जारी होनी है, जो भी निर्देश मिलेंगे वह लागू
हो जाएगा।
- डॉ. संजय तिवारी, प्राचार्य, पीजीआईडीएस।