निजी बस में गर्भवती के साथ बदसलूक ी का मामला सामने आया है।
आरोप है कि गर्भवती ने बस धीरे से चलाने को कहा तो कंडक्टर ने उसके मुंह पर बीड़ी का धुआं छोड़ा। महिला को शिकायत दर्ज कराने के लिए दो घंटे तक एक थाने से दूसरे थाने के चक्कर लगाने पड़े।
बस के परिचालक ने भी खुद थाने में आकर अपने आप को पाक साफ बताया है। महिला की शिकायत पर पुलिस जांच कर रही है। अभी केस दर्ज नहीं किया गया है।
दरअसल झज्जर के आर्य नगर निवासी रीना शहर के एसआरसी सेंटर में नौकरी करती है। उसने करीब एक महीना पहले ही यहां ज्वाइन किया है। रीना रोजाना झज्जर से रोहतक आती है। रीना का कहना है कि मैं गर्भवती हूं। मुझे शनिवार को झज्जर से एक निजी बस में बैठकर रोहतक आना पड़ा। चालक ने बस तेज दौड़ा रखी थी। प्रेग्नेंसी के कारण मुझे परेशानी होने लगी। मैंने कंडक्टर से बस आसान से चलाने की बात कही। कंडक्टर ने ड्राइवर को स्पीड कम करने को कहा भी, लेकिन चालक नहीं माना। इससे परेशान होकर मैं बस में आगे की सीट पर आकर बैठ गई। तभी कंडक्टर भी मेरे पास आकर बैठ गया। महिला का आरोप है कि कंडक्टर ने बीड़ी सुलगाकर उसका धुआं मेरे मुंह पर छोड़ना शुरू कर दिया। विरोध किया तो कंडक्टर ने बदसलूकी शुरू कर दी और कहा कि खुद की बस खरीद लो। मामला बढ़ता देख रीना चुप हो गई। जैसे ही बस स्टैंड पर पहुंची तो रीना ने मामले की शिकायत पुलिस को की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। दो घंटे तक उसे चौकी में ही बैठाए रखा। इसके बाद रीना महिला थाने पहुंची और थाना प्रभारी को शिकायत दी।
झूठ बोल रही महिला
बस कंडक्टर का कहना है कि महिला ने झज्जर से बस पकड़ने के बाद से ही कई सीट बदली। इससे दूसरी सवारियों को परेशानी हो रही थी। जब महिला से एक सीट पर बैठने को कहा गया तो उसने अभद्रता शुरू कर दी। जब महिला आगे की सीट पर आकर बैठी और मैंने बीड़ी उठाई तो महिला ने विरोध किया। इस पर मैंने बंडल को वापस रख दिया। महिला से परेशान होकर हमने खुद बस को बस स्टैंड पुलिस चौकी में खड़ा कर दिया। ताकि पुलिस के सामने सारी सच्चाई आ सके।
वर्जन
महिला थाना एसएचओ गरिमा का कहना है कि अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो रही है। आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।