बहादुरगढ़। बहादुरगढ़ क्षेत्र में प्रदूषण लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है। बुधवार को एक्यूआई येलो जोन में रहा। बहादुरगढ़ मेें सड़कों पर उड़ती धूल और खुले में रखे स्टॉक के कारण एक्यूआई बढ़ रहा है। सीएक्यूएम (कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट) की ओर से ग्रैैप-1 (ग्रेडेडे रिस्पोंस एक्शन प्लान) बुधवार को बहादुरगढ़ में एक्यूआई इसके नजदीक 196 येलो जोन में दर्ज किया गया। 201 होते ही ग्रैप-1 की पाबंदी लागू कर दी जाएंगी।
हर वर्ष 1 अक्तूबर को ग्रैप लागू होता था, लेकिन इस बार सितंबर में ही ग्रैप-1 लागू किया गया है। सीएक्यूएम की ओर से इस बार कई बदलाव किए गए हैं तो कई नए नियम भी जोड़े गए हैं। वर्ष 2017 से अब तक गे्रप को चौथी बार रिवाइज किया गया है। इस बार बदलाव ग्रैप-1 के दूसरे और तीसरे चरण में किए गए हैं। इस बार भी ग्रैप-1 पहला चरण एक्यूआई के 201 पर पहुंचने पर लागू हो जाएगा। इसके बाद ग्रैप-1-2, 3 और 4 जरूरत के हिसाब से लागू होंगे। आईआईटीए व आईएमडी के पूर्वानुमान के आधार पर ग्रैप-1 स्टेज-2, 3 या 4 को समय-समय पर लागू किया जाएगा या वापस लिया जाएगा। वहीं स्टेज-2 में अब ड्यूल फयूल मोड या सर्टिफाइड एजेंसी से रेट्रो फिटिंग करवाने वाले वह डीजल जनरेटर चल सकेंगे। जिनकी क्षमता 62 केडब्ल्यू से 800 केडब्ल्यू तक है। अब तक यह क्षमता 125 केडब्ल्यू से 800 केडब्ल्यू थी। स्टेज-3 में तीन नए बैन जोड़े गए हैं। बीएस-3 और इससे कम डीजल के लाइट कमर्शियल व्हीकल जो दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड है, दिल्ली में नहीं आ पाएंगे।
निर्माण कार्यों में बदलाव
बड़े वेल्डिंग और गैस कटिंग के काम नहीं हो सकेंगे, लेकिन छोटै वेल्डिंग काम जैसे मेकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और पल्बिंग काम को छूट दी गई है।इसके अलावाा सीएमें, प्लास्टर और अन्य कोटिंग का काम या फ्लोर मैटेरियल कटिंग-ग्राइनडिंग नहीं हो सकेगी, लेकिन छोटे इंडोर रिपेयर और मेंटेेनेंस वर्क किए जा सकेंगे। धूल पैदा करने वाले सामान जैसे सीमेंट, फ्लाई ऐश, ईंट, मिट्टी, क्रशर स्टोन आदि की लोडिंग-अनलोडिंग प्रोजेक्टस साइट के अंदर या बाहर हो सकेगी। पहले यह साइट के बाहर ही हो सकती थी।
नए जोड़े गए नियम
-बीएस-3 स्टैंडर्ड या इससे नीचे के मीडियम गुड्स व्हीकल (एमजीवी) अब दिल्ली में नहीं चल सकेंगे। जरूरी सामान लेकर आ रहे एमजीवी को इसमें छूट दी गई है।बीएस-3 और इससे नीचे के मीडियम गुड्स करियर जो दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड हैं, उनकी दिल्ली में एंट्री नहीं होगी। जरूरी सामान से जुड़े व्हीकल इसमें शामिल नहीं हैं।
यह है सिटीजन चार्टर
ग्रैप-1-1
-गाड़ियों के इंजन की प्रॉपर ट्यूनिंग करवाएं, पीयूसी अपडेट रखें।
-रेड लाइट पर गाड़ियों को बंद कर दें।
-एयर पल्यूशन करने वाली एक्टिविटीज को 411 ऐप, ग्रीन दिल्ली ऐप, समीर ऐप पर रिपोर्ट करें।
ग्रैप-1-2
-पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल करें।
-टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें और कम जाम वाले रूट को चुनें।
-धूल वाले निर्माण कार्य अक्तूबर से जनवरी तक करवाने से बचें।
ग्रैप-1-3
-कम दूरी के लिए साइकिल से या पैदल जाएं।
-क्लीन फ्यूूल वाली गाड़ियों का इस्तेमाल करें, अपनी राइड शेयर करें या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।
-कोयले या लकड़ी को न जलाएं।
ग्रैप-1-4
-बच्चे, बुजुर्ग या गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोग घरों के अंदर रहें और आउटडोर एक्सरसाइज करने से बचें।