जिला प्रशासन और स्कूल स्तर पर 26 जनवरी समारोह की तैयारी तेज हो गई है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के चयन के लिए बृहस्पतिवार सुबह साढ़े 10 बजे बाल
भवन में कई स्कूलों की टीम को बुलाया गया। लेकिन यहां बड़ी खामियां और
अजब-गजब चीजें समाने आईं। गांव निगाना के एक निजी स्कूल की ओर से पंजाबी
गीत पेश किए गए। लेकिन स्कूल की छात्राओं के साथ एक युवक भी डांस करता नजर
आया।
युवक कुछ देर तक तो छात्राओं के साथ डांस करता रहा, लेकिन थोड़ी देर
बाद ही अधिकारियों के माथे पर शिकन आ गई। भड़के अधिकारियों की चयन कमेटी ने
प्रस्तुति बीच में ही रोक दी। कमेटी का गुस्सा देखकर युवक तो मौके से चला
गया, लेकिन कमेटी ने स्कूल टीम इंचार्ज को खूब फटकार लगाई।
पूछने पर
इंचार्ज ने बताया कि यह युवक स्कूल में जेबीटी इंटर्न है। सवाल उठता है कि
क्या कोई जेबीटी इंटर्न स्कूली छात्राओं के साथ इस तरह प्रस्तुति दे सकता
है। गुस्साई कमेटी ने प्रस्तुति और टीम को तुरंत प्रभाव से रद कर दिया।
चेतावनी भी दी कि भविष्य में ऐसा अगर दोबारा हुआ तो संबंधित स्कूल
प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, अधूरी तैयारियों और
अव्यवस्थाओं के बीच दो घंटे तक खुले आसमां के नीचे चली बच्चों की प्रस्तुति
के बाद 7 सांस्कृतिक टीम का चयन किया गया। हालांकि, छुट्टी के कारण
स्कूलों की प्रतिभागिता कम रही। हालांकि 11 टीमों में से 7 को एक और मौका
देेते हुए उनका चयन किया गया है।
अब 19 व 20 जनवरी को प्रशासनिक कमेटी
दोबारा से इन स्कूलों में जाएगी और आखिरी रिहर्सल देखने के बाद ही डीसी को
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रिपोर्ट सौंपेगी।
इससे पहले कई टीमों की
प्रस्तुति में मिली ढेरों खामियों के कारण चयन कमेटी ने टीम प्रभारियों को
खूब फटकार लगाई। चयन कमेटी ने कहा कि डांस में लय और ताल ही सब कुछ होता
है। ज्यादातर स्कूल छोटे बच्चों को लेकर आए, जबकि उनमें क्षमता कम थी।
कमेटी ने कहा कि यहां गणतंत्र दिवस के लिए चयन किया जा रहा है न कि स्कूल
के वार्षिक समारोह के लिए। इसलिए 26 जनवरी की गरिमा का ख्याल रखते हुए
बच्चों को तैयारी कराएं। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी सत्यवती नांदल,
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी कमल सिंह, जिला बाल कल्याण अधिकारी सुरेखा
हुड्डा और बीईओ कृष्णा फौगाट मौजूद रहे।
नृत्य एवं नाटक अधिकारी राजबीर
भारद्वाज ने कहा छुट्टियों का बहाना बिल्कुल नहीं चलेगा। प्रशासन ने लगभग
दो सप्ताह पहले स्कूलों को समय दिया था। भारद्वाज ने डीएवी पुलिस पब्लिक
स्कूल की इंचार्ज से कहा कि उन्हें ग्राउंड आइटम चाहिए न कि स्टेज आइटम।
बच्चों की संख्या को बढ़ाने के साथ ही उन्हें एक्शन सिखाएं। उनकी प्रस्तुति
में सिर्फ 8 से 10 बच्चे ही सुरीले हैं।
डीईओ की बढ़ी टेंशन, घुमाए फोन
कमजोर
प्रस्तुति देख डीईओ सत्यवती नांदल की टेंशन बढ़ गई और हाथोंहाथ दो-तीन
स्कूल संचालकों को फोन भी घुमा दिए। फिर एक हरियाणवी व पंजाबी आइटम तैयार
करने के लिए कहा। किलोई के राकवमावि का हरियाणवी नृत्य के लिए चयन किया गया
है।
इन स्कूलों का हुआ चयन
अंबेडकर चौक स्थित मॉडल स्कूल के शिव और
देवी के विकराल रूप की थीम का चयन किया गया है। सेक्टर-4 स्थित मॉडल स्कूल
का गुजराती जनरल ग्रुप डांस, पठानिया पब्लिक स्कूल का राजस्थानी डांस, सेंट
मैरी स्कूल का पंजाबी नृत्य, संस्कार वैली स्कूल का स्वच्छता अभियान पर
समूह नृत्य, डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल का समूह गान, किलोई गवर्नमेंट स्कूल
का हरियाणवी नृत्य और सिल्वर ऑक स्कूल व संस्कार वैली स्कूल के जंप रोप
आइटम का चयन किया गया है।
खुले ग्राउंड में चयन
बालभवन में निर्माण
कार्य के कारण सांस्कृतिक कार्यक्रमों का चयन स्केटिंग ग्राउंड में खुले
में हुआ। जिन स्कूलाें की प्रस्तुति खत्म होती गई, उनके बच्चों को ठंड के
कारण तुरंत बसों में वापस भेजा गया। डीईओ नांदल ने कहा कि सर्दी के कारण
बच्चों को फाइनल रिहर्सल से पहले नहीं बुलाएंगे।