प्रदेश की सियासी राजधानी रोहतक शहर से विधायक बने कांग्रेस प्रत्याशी भारत भूषण बतरा को अपनी ही पार्टी के पूर्व सांसद शादीलाल बतरा के सिंचाई भवन स्थित बूथ नंबर 114 और पूर्व मंत्री सुभाष बतरा के माडल टाउन स्थित बूथ नंबर 44 पर ग्रोवर से कम मत मिले। जबकि निर्दलीय मोहित धनवंतरी व रामचंद्र जांगड़ा ने कांग्रेस प्रत्याशी की बजाए भाजपा प्रत्याशी को ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। मोहित को 9817 वोट मिले हैं, जिसमें 30 बूथ पर प्रति बूथ 100 से ज्यादा वोट हैं। खास बात यह है कि इन बूथों पर ग्रोवर को बतरा पर बढ़त मिली है। अगर मोहित को मिलने वाले वोट ग्रोवर की तरफ आ जाते तो परिणाम दूसरा होता। वहीं, सैनी बाहुल्य एरिया के चार बूथ पर लोसुपा प्रत्याशी रामचंद्र जांगड़ा को प्रति बूथ 100 से ज्यादा मत मिले हैं। मतगणना के एक दिन बाद कांग्रेसी व भाजपाई यही समीक्षा करते रहे कि कहां से कितने मत मिले। हालांकि पांच साल बाद बतरा के आवास पर रौनक का माहौल रहा। समर्थकों ने विजयी होने की बधाइयां दी, जबकि भाजपा प्रत्याशी मनीष ग्रोवर के आफिस में सन्नाटा पसरा रहा। आवास में समर्थक हार की समीक्षा में जुटे रहे।
चुनाव परिणाम पर नजर डालें तो हलके के 1 लाख 91 हजार वोटर के लिए 160 बूथ बनाए गए थे। मतदान के दिन 60 प्रतिशत से थोड़ा कम वोटिंग हुई। वीरवार को वार्ड वाइज गणना की गई, जिसमें विधायक बने कांग्रेस प्रत्याशी भारत भूषण बतरा ने 86 बूथों पर भाजपा प्रत्याशी से बढ़त हासिल की। जबकि ग्रोवर को 77 बूथों पर बतरा से ज्यादा वोट मिले। बतरा को जहां आउटर व जनता कालोनी, काठमंडी के ज्यादातर बूथों पर बढ़त मिली, जबकि ग्रोवर को गांधी कैंप व घनीपुरा एरिया में ज्यादा मत मिले।
बतरा के लिए आउटर ने रखी जीत की नींव, जनता कालोनी व काठमंडी ने लगाई मोहर
कांग्रेस प्रत्याशी भारत भूषण बतरा को न केवल शुरुआती बूथों पर बढ़त मिली, बल्कि आउटर ने भी उनकी बढ़त को मजबूत कर जीत की नींव रखी, लेकिन गांधी कैंप व आर्य नगर के एरिया ने बढ़त को 9वें राउंड में कम कर दिया, बल्कि 98 मतों से ग्रोवर आगे हो गए। इसके बाद जनता कालोनी, काठमंडी के एरिया की आखिरी 11 व 12वें राउंड में मतगणना हुई, जहां बतरा ने निर्णायक बढ़त लेकर 2734 मतों से बाजी मार ली।
यहां जीते बतरा
बूथ नंबर 2,6,5,6,7, 12,14,15, 18,19,20, 22,23,24,25,26,27,28,30,31, 33 35, 36,39,40,40ए,41,43,44,46,47,48,49,50,51,52,57,59,63, 69,70,79,91,92,93,94,99,100,101, 102, 118, 121, 122, 123, 124, 125, 126, 129, 130, 131, 132, 133, 134, 135, 136, 137, 138, 139, 140, 141, 143, 144, 145, 146, 147, 148, 152, 153, 154, 155, 156, 157, 158, 159, 159ए, 160
ग्रोवर को कैंप से नहीं मिली निर्णायक बढ़त, जनता कालोनी में नहीं था पिछड़ने का अनुमान
छह माह पहले हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अरविंद शर्मा और दिसंबर 2018 में हुए मेयर चुनाव में मनमोहन गोयल को गांधी कैंप से शानदार बढ़त मिली थी, लेकिन विधानसभा चुनाव में आउटर में पिछड़ने के बावजूद कैंप से ग्रोवर को इतनी बढ़ती नहीं मिली कि वे कांग्रेस प्रत्याशी से निर्णायक लीड ले सके। आखिर में जनता कालोनी व काठमंडी सहित झज्जर रोड के एरिया में कांग्रेस प्रत्याशी को अप्रत्याशित बढ़त मिली और वे जीतने में कामयाब रहे।
यहां जीते ग्रोवर
1, 3, 4, 8,9,10,10ए, 11, 13, 17, 21, 29, 32, 34, 37, 38, 42, 45, 53, 54, 55, 56, 58, 60, 61,62,64,65,66,67,68,71,72,73,74,75,76,77,78,80,81,82,83,85,86,87,88,89,89ए,90, 96,97,97ए,98, 103,104,105,106,107,108,109,110,111,112,113,114,115,116,117, 119,120, 127,128,142,149,150,151
मोहित को कुल 9817 वोट मिले
निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरे मोहित धनवंतरी ने कांग्रेस प्रत्याशी भारत भूषण बतरा की अपेक्षा भाजपा प्रत्याशी मनीष ग्रोवर को ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। उनको न केवल तेज कालोनी एरिया के शुरुआती बूथ, बल्कि आकाशवाणी से लेकर सल्लारा मोहल्ला तक के एरिया में अच्छी वोट मिली। साथ ही गांधी कैंप के बूथों 8 से 10 बूथों पर प्रति बूथ 100 से ज्यादा वोट ले गए। मोहित को कुल 9817 वोट मिले हैं।
यहां प्रति बूथ 100 से ज्यादा मत मिले मोहित को : 1,2,3,5,6,8,9,12,56,61,62,63,64,65,66, 69,77,78,79,85,86,87,88,90,98,104,125,126,131,142
सैनी बाहुल्य एरिया में रामचंद्र जांगड़ा को मिली ज्यादा वोट
वहीं पूर्व सांसद राजकुमार सैनी की पार्टी लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी प्रत्याशी रामचंद्र जांगड़ा को सुखपुरा चौक व माडल स्कूल में बने एक बूथ पर सहित चार बूथों पर 100 से ज्यादा वोट मिले हैं। जांगड़ा 1725 वोट लेकर चौथे स्थान पर रहे। वहीं, जजपा प्रत्याशी राजेश सैनी को 1665 वोट मिले हैं।
यहां मिले जांगड़ा को प्रति बूथ 100 से ज्यादा मत : 8,17,21,56,
एक हजार 30 लोगों को पसंद नहीं आया कोई भी प्रत्याशी, नोटा को डाली वोट
शहर में 1 लाख 91 हजार मतदाताओं में से 1 लाख 14 हजार ने अपने मत का प्रयोग किया। इसमें 1 हजार 30 वोटर ने नोटा का प्रयोग किया है। यानि उनको मौजूद 14 प्रत्याशियों में से कोई पसंद नहीं आया।
पांच साल बाद लौटी कांग्रेस प्रत्याशी के कार्यालय में रौनक, भाजपाई मंथन में जुटे
उधर, 2014 में हार के बाद कांग्रेसी खेमे में पांच साल तक हार का सिलसिला चलता रहा। पहले कांग्रेस समर्थक प्रत्याशी मेयर चुनाव में हारा। इसके बाद लोकसभा चुनाव में मात मिली। अब जाकर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को शिकस्त दी है। जीत के चलते कांग्रेस विधायक भारत भूषण बतरा के आफिस में शुक्रवार को न केवल रौनक रही, बल्कि बतरा को बधाई देने वालों की लाइन लगी रही।
ग्रोवर समर्थक मंथन में जुटे रहे, सरकार बनने पर निगाह
उधर, भाजपा प्रत्याशी मनीष ग्रोवर चाहे विधानसभा चुनाव हार गए, लेकिन उनकी व समर्थकों की निगाह प्रदेश में भाजपा सरकार बनने पर है। समर्थक कहते हैं कि हार-जीत लोकतंत्र में चलती रहती है। मुख्य बात को सरकार बनने की है। जल्द मनोहर लाल मुख्यमंत्री की जैसे ही शपथ लेंगे, भाजपा खेमे में भी रौनक लौट आएगी।