36-मच्छर से बचाव की जानकारी देते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी। स्रोत : विभाग
रोहतक। डेंगू का डंक कमजोर नहीं हो रहा है। बारिश के बाद यह तेजी से फैलता है। हर वर्ष करीब 200 डेंगू केस जिले में सामने आ रहे हैं। दो- तीन वर्षों में डेंगू पीड़ित की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग अंकुश के लिए अभी से जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। जल स्रोतों की जांच और लार्वा मिलने पर नोटिस जारी करता है। सिविल सर्जन ने कहा कि डेंगू से बचने के लिए जागरूकता जरूरी है।
मानसून की शुरुआत के साथ ही डेंगू का खतरा बढ़ने का अंदेशा है। घरों के अलावा खेतों में बरसाती पानी जमा होने से डेंगू मच्छर पनपने के लिए साफ पानी मिल जाता है। इसी कारण शहर ही नहीं गांवों में भी डेंगू के केस सामने आते हैं। इससे बचने के लिए जागरूकता ही बेहतर विकल्प है।
इसकी जिम्मेदारी 120 सब सेंटरों पर तैनात एमपीएचडब्ल्यू व आशा वर्करों के अलावा शहर में दस टीमों पर है। ये टीमेें न केवल लोगों को मच्छर जनित रोगों के फैलने के कारण व बचाव के उपाय बताती हैं बल्कि मच्छर का लार्वा मिलने पर नोटिस भी देती हैं। ब्यूरो
जोहड़ों और तालाबों में डाली जाती हैं गंबूजिया
मच्छरों व उनसे फैलने वाली बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। हेचरी में गंबूजिया मछली तैयार की जा रही है। बारिश के मौसम में गंबूजिया मछली जोहड़ाें और तालाबों डाली जाती हैं। मछलियां लार्वा को खाकर नष्ट कर देती हैं। इससे मच्छर नहीं पनपते हैं।
जिले में मच्छरजनित रोगों का खतरा नहीं है। लोगों को जागरूक करने के साथ लार्वा विरोधी गतिविधि चलाई जाती है। लार्वा मिलने नोटिस भी थमाया जाता है। -डाॅ. रमेशचंद्र आर्य, सिविल सर्जन।
जिले में डेंगू केस पर एक नजर
वर्ष केस
2022- 254
2023- 304
2024- 217
2025- 205
2026- 1